रायपुर
प्लास्टर उखड़ी, छत, टूटे कुर्सी-टेबल, अवितरित किताबें, ड्रेस की समस्याएं यथावत
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 16 जून। प्रदेश भर में 39-43 डिग्री तापमान के बीच नया शिक्षा सत्र मंगलवार से प्रारंभ हो गया। पहले दिन स्कूल गेट पर शिक्षकों ने विद्यार्थियों को तिलक लगा मुंह मीठा कर स्वागत किया। तो बच्चों ने पैर छूकर आशीर्वाद लिया।यह प्रवेश उत्सव 27 जून तक चलेगा। इसमें कई जगह सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
आज के इस स्वागत के बाद क्लास रूम पहुंचे विद्यार्थियों को टूटे कुर्सी टेबल, बेंच, प्लास्टर उखड़ी छत, किताब, गणवेश साइकल की अनुपलब्धता का सामना करना पड़ा।
फिलहाल 27 जून तक प्रवेश प्रक्रिया चलेगी। 5-8 वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों को अंकसूची न मिलने से 7-9 वीं में प्रवेश को लेकर दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। नतीजों के डेढ़ माह बाद भी अंकसूची नहीं दिए जा सकें हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के सभी मंत्री, सांसद, विधायक, जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत अध्यक्ष, महापौर तथा पार्षदों से आग्रह किया है कि वे अपने क्षेत्र के किसी विद्यालय में सुविधानुसार उपस्थित होकर अभियान में सहभागी बनें तथा ऐसे बच्चों की पहचान और नामांकन के लिए प्रेरित करें, जो अभी तक विद्यालय से नहीं जुड़े हैं अथवा बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने पत्र में उल्लेख किया है कि राज्य सरकार विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। पीएम श्री विद्यालयों के माध्यम से उत्कृष्ट शिक्षण वातावरण विकसित किया जा रहा है तथा वर्ष 2026 से 150 विवेकानंद विद्यालयों की स्थापना कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए मानक स्थापित किए जा रहे हैं। नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शासकीय विद्यालयों को आधुनिक, तकनीक-संपन्न और छात्र-केंद्रित संस्थानों के रूप में विकसित किया जा रहा है। विद्यार्थियों को मध्यान्ह भोजन, नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें, गणवेश तथा बालिकाओं के लिए सरस्वती साइकिल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि कोई भी बच्चा आर्थिक कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे।
मन लगाकर पढ़ाई करें-साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर प्रदेश के विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें पूरी लगन और उत्साह के साथ पढ़ाई करने का संदेश दिया है।
उन्होंने बच्चों से पूरे आत्मविश्वास, अनुशासन और उत्साह के साथ नियमित रूप से विद्यालय जाने तथा मन लगाकर पढ़ाई करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का परिश्रम और शिक्षा ही आने वाले समय में बच्चों की सफलता का आधार बनेगी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर आगे बढऩे तथा ज्ञान, संस्कार और व्यक्तित्व विकास के माध्यम से प्रदेश और देश के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।


