रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 16 जून। आम आदमी पार्टी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में साय सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने अपनी तानाशाही का एक और काला अध्याय लिख दिया है। आम आदमी पार्टी के कर्मठ आदिवासी नेता और केशकाल ब्लॉक अध्यक्ष साथी बिरजू सलाम को पुलिस ने जिस तरह कल से अपनी अभिरक्षा में कैद कर रखा है, वह लोकतंत्र पर सीधा हमला है। बिरजू सलाम द्वारा विधायक जनसम्पर्क निधि की राशि में कथित दुरूपयोग पर एक वीडियो बनाया था और खुलासा किया था कि राशि को भाजपा कार्यकर्ताओं को बांटा गया है, इसलिए उन्हें गिरफ्तार किया गया।
आम आदमी पार्टी कर्मचारी विंग के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार झा एवं प्रवक्ता कुलदीप खनूजा ने पत्रकार वार्ता में कहा कि यह गिरफ्तारी किसी अपराध की वजह से नहीं, बल्कि सत्ता की आंखों में आंखें डालकर जनहित के सवाल पूछने की सजा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार एक तरफ आदिवासी मुख्य मंत्री और आदिवासी कल्याण का ढोंग करती है, और दूसरी तरफ उन्हीं के हक की बात करने वाले नेताओं को जेल भेजती है। प्रदेश के आंकड़े सरकार के इस खौफनाक चेहरे को बेनकाब करते हैं। खुद सरकार ने माना है कि पिछले महज 13 महीनों में छत्तीसगढ़ की जेलों में 66 कैदियों की मौत हुई है। इनमें से अधिकांश आदिवासी समाज से थे। क्या बिरजू सलाम को भी इसी असुरक्षित तंत्र के हवाले छोड़ दिया गया है? न्यायिक हत्या या लापरवाही? पिछले साल दिसंबर में आदिवासी नेता जीवन ठाकुर की हिरासत में मौत हुई। वे बीमार थे, गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन संवेदनहीन प्रशासन ने उन्हें सही इलाज तक नहीं दिया।
जब भाजपा के अपने वरिष्ठ नेता और पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर को भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलने पर नजरबंद किया जा सकता है, तो विपक्षी नेताओं के साथ इस सरकार की क्रूरता का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
आम आदमी पार्टी की मांगें-बिरजू सलाम को बिना किसी शर्त और देरी के तुरंत रिहा किया जाए। किस आधार पर और किसके आदेश पर उन्हें हिरासत में लिया गया, पुलिस इसका लिखित स्पष्टीकरण दे। एसडीओपी की भूमिका की जांच की जाए।


