रायपुर
पहले चरण में 32 नगरों का चयन
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 26 मई। प्रदेश के नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों को भी आधुनिक शहरी सुविधाओं से सुसज्जित करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा ‘आदर्श शहर समृद्धि योजना’ प्रारंभ की जा रही है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। यह योजना पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में नगर निगमों के लिए प्रारंभ हुई मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना की तर्ज पर नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अधोसंरचना को मजबूत करने, जन सुविधाओं का विस्तार करने तथा विकास कार्यों को गति देने का माध्यम बनेगी।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने योजना के प्रथम चरण के लिए प्रदेशभर के 32 नगरीय निकायों का चयन कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। योजना के तहत कार्यों के चयन, स्थल निरीक्षण और प्राथमिकता निर्धारण के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के क्षेत्रीय (संभागीय) कार्यालयों के संयुक्त संचालकों की अध्यक्षता में संभाग स्तरीय समितियों का गठन भी किया गया है। समितियों को आगामी 15 दिनों के भीतर कार्यों का चिन्हांकन, स्थल निरीक्षण कर अनुमानित राशि की जानकारी शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और समन्वय के लिए पांचों राजस्व संभागों में कार्यों के चयन एवं मॉनिटरिंग हेतु संचालनालय के यांत्रिकी प्रकोष्ठ के मुख्य अभियंता को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
पहले चरण में प्रदेश के 32 नगरीय
निकायों को मिला अवसर
योजना के पहले चरण में 32 नगरीय निकायों को शामिल किया गया है। इनमें बस्तर संभाग के अंतर्गत सुकमा नगर पालिका के साथ भोपालपटनम, गीदम, केशकाल, पखांजूर और नरहरपुर नगर पंचायत, दुर्ग संभाग में पंडरिया और खैरागढ़ नगर पालिका के साथ गुरूर, घुमका और छुईखदान नगर पंचायतों का चयन किया गया है।
रायपुर संभाग के अंतर्गत कुरूद, महासमुंद, आरंग और बलौदाबाजार नगर पालिका तथा पिथौरा एवं चंदखुरी नगर पंचायत सरगुजा संभाग में सूरजपुर, पत्थलगांव और मनेंद्रगढ़ नगर पालिका के साथ लखनपुर, कोतबा और कुनकुरी नगर पंचायतों को शामिल किया गया है।
बिलासपुर संभाग के अंतर्गत तखतपुर, मुंगेली, लोरमी, जांजगीर-नैला और सक्ती नगर पालिका के साथ बिल्हा, घरघोड़ा, पुसौर और सरिया नगर पंचायत को योजना के प्रथम चरण में शामिल किया गया है।
सडक़, जलापूर्ति, ड्रेनेज से स्मार्ट सुविधाओं तक होगा समग्र विकास
योजना केवल आधारभूत निर्माण तक सीमित नहीं होगी, बल्कि नागरिक जीवन को अधिक सुगम, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में समग्र विकास मॉडल के रूप में कार्य करेगी। योजना के अंतर्गत सडक़, ड्रेनेज, जलापूर्ति, परिवहन, पार्क, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामुदायिक सेवाएं, रोजगार, व्यापार, उद्यमिता प्रोत्साहन, ई-गवर्नेंस, स्मार्ट ट्रैफिक, सुरक्षा प्रणाली, हरित क्षेत्र, नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण, सुझाव, शिकायत निवारण तथा रिपोर्टिंग प्रणाली जैसे कार्य प्रमुखता से किए जाएंगे।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों के
समन्वय से होंगे कार्यों का चयन
योजना के तहत शहरों की स्थानीय आवश्यकताओं और जन अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों का चयन किया जाएगा। इसके लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के क्षेत्रीय संयुक्त संचालक की अध्यक्षता में संभाग स्तरीय समितियां गठित की गई हैं। नगर पालिका अथवा नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को समिति का सदस्य-सह-सचिव बनाया गया है।
रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर तथा सरगुजा संभाग के लिए गठित पांच सदस्यीय समितियों में दो-दो ईई और एक एई सदस्य होंगे, जबकि बस्तर संभाग की चार सदस्यीय समिति में एक ईई तथा एक एई सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं। निकाय अध्यक्षों, पार्षदों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के समन्वय से शहरों की आवश्यकता के अनुसार प्राथमिकता तय कर कार्यों का चयन किया जाएगा।
हमारी सुशासन सरकार बड़े शहरों के साथ-साथ उभरते नगरों और कस्बों के संतुलित एवं समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। आदर्श शहर समृद्धि योजना के माध्यम से नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अधोसंरचना, जन सुविधाओं और रोजगार के नए अवसरों को सुनियोजित ढंग से विकसित किया जाएगा। राज्य सरकार छोटे शहरों को भी बड़े शहरों की तरह सर्वसुविधायुक्त और आधुनिक बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है तथा यह योजना प्रदेश के शहरी विकास को नई गति और नई दिशा देने का काम करेगी - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
आदर्श शहर समृद्धि योजना राज्य के छोटे और मध्यम शहरों के व्यवस्थित विकास की महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के माध्यम से सडक़, जलापूर्ति, ड्रेनेज, स्मार्ट सुविधाओं, हरित क्षेत्र और नागरिक सेवाओं को मजबूत किया जाएगा। कार्यों के चयन के लिए संभाग स्तरीय समितियों का गठन कर प्रक्रिया को पारदर्शी और परिणाममुखी बनाया गया है तथा सरकार की प्राथमिकता प्रदेश के हर नगर में नागरिकों को बेहतर अधोसंरचना और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराना है - उप मुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास अरुण साव


