रायपुर

पोस्टमैन की बेसिक सैलरी 1.12 लाख रुपए हो
03-May-2026 6:30 PM
पोस्टमैन की बेसिक सैलरी 1.12 लाख रुपए हो

डाक कर्मचारी संगठन ने वेतन आयोग से मांगा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 3 मई। 8 वें वेतन आयोग ने 28-30 अप्रैल तक दिल्ली में कर्मचारी संगठनों से मांगे सुझाव स्वीकार किया है। इस दौरान फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशंस (एफ?एनपीओ ) ने भी पोस्?टमैन की बेसिक सैलरी 1.12 लाख रुपये करना, फिटमेंट फैकटर 3.83 रखना, 8वें वेतन आयोग में ग्रामीण डाक सेवक को शामिल करना और 6त्न की सालाना बढ़ोतरी की मांग  रखी।

डाक कर्मचारियों के इस संगठन के  स्थानीय नेताओं ने बताया कि ने  डाक सहायकों, सॉर्टिंग सहायकों, डाकियों, मेल गार्डों, सिविल विंग, प्रशासनिक कार्यालयों, लेखा, मार्केटिंग अधिकारियों, सिस्टम प्रशासकों, विकास अधिकारियों और अन्य से जुड़े मुद्दे शामिल थे। संगठन

ने लेवल 1 (शुरुआती स्तर) के कर्मचारी के लिए न्यूनतम मूल वेतन 69,000 रुपये का प्रस्ताव दिया है। डाक कर्मचारियों के इस संगठन ने मल्टी-टास्किंग स्टाफ  कर्मचारी के लिए इस वेतन का प्रस्ताव दिया है। 7वें वेतन आयोग के तहत शुरुआती स्तर के कर्मचारी का मूल वेतन 18,000 रुपये है।

डाकिया या मेल गार्ड, जो लेवल 5 का कर्मचारी है, के लिए  मूल वेतन 25,500 रुपये से बढ़ाकर 1,12,000 रुपये करने का प्रस्ताव दिया है।डाक संगठन ने लेवल 2 और 3 के साथ लेवल 8, 9 और 10 को आपस में मिलाने का सुझाव भी दिया है। एफ?एनपीओ ने सभी कैडर के सभी डाक कर्मचारियों के लिए 3.83 के फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया है। 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था। फिटमेंट फैक्टर वेतन और पेंशन में संशोधन के लिए मल्टीप्लायर होता है। 3.83 के फिटमेंट फैक्टर का मतलब है कि एक नए वेतन आयोग में किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी या किसी पेंशनर की बेसिक पेंशन को 3.83 से गुणा किया जाएगा।

डाक कर्मचारी संगठन ने 6 प्रतिशत की सालाना वेतन वृद्धि का प्रस्ताव दिया है। 7वें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों को उनकी बेसिक सैलरी पर 3त्न की सालाना वेतन वृद्धि मिलती है। संगठन का तर्क है कि 6वें सीपीसी के बाद से सालाना वेतन वृद्धि बेसिक सैलरी के 3त्न पर ही अटकी हुई है।

इसका का प्रस्ताव है कि मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन स्कीम  के तहत, सभी डाक कर्मचारियों को उनकी सेवा के दौरान कम से कम पांच प्रमोशन मिलने चाहिए। डाक कर्मचारी संगठन का तर्क है कि वेतन में ठहराव की समस्या को दूर करने और बहु-कुशल अधिकारियों के अनुरूप सार्थक करियर उन्नति देने के लिए ऐसे सुधार की जरूरत है। इसी तरह से संगठन र्ने ं-श्रेणी के शहरों के लिए बेसिक सैलरी का 30 प्रतिशत, वाय-श्रेणी के शहरों के लिए 35त्न और ङ्ग-श्रेणी के शहरों के लिए 40त्न हाउस रेंट अलाउंस का प्रस्ताव दिया है।


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