रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 3 मई। मजदूरों के अंतरराष्ट्रीय पर्व मई दिवस के अवसर पर संयुक्त ट्रेड यूनियन कौंसिल द्वारा मोतीबाग से रैली निकाली गई। इसमें बीमा, बैंक, राज्य सरकार, टेलीकॉम, पोस्टल कर्मचारियों, दवा प्रतिनिधियों सहित रेहड़ी श्रमिक एवं पेंशनर्स सहित बड़ी संख्या में मजदूर व कर्मचारी शामिल हुए।
बैनर, पोस्टर व झंडो से सुसज्जित यह रैली छोटपारा, कोतवाली, बुढ़ापारा, नगर निगम व्हाइट हाउस, महिला थाना चौक होते हुए राजीव गांधी तिराहा में आमसभा में परिवर्तित हो गई द्य सभा की अध्यक्षता कौंसिल के अध्यक्ष वी एस बघेल ने की।
सभा के मुख्य वक्ता आल इंडिया इंश्योरेंस एम्पलाइज एसोसियेशन के अध्यक्ष धर्मराज महापात्र ने कहा कि वर्ष 1886 में अमेरिका के श्रमिकों ने 8 घंटे के कार्यदिवस की मांग पर आंदोलन कर शहादते दी थी। इसके बाद दुनिया भर में यह आंदोलन फैल गया।
इसके चलते दुनिया के अधिकांश हिस्सों में 8 घंटे के कार्यदिवस को मान्यता मिली, लेकिन आज मोदी सरकार 4 लेबर कोड थोपकर 140 वर्षों की इस लड़ाई से हासिल अधिकार छीनकर मजदूरों को गुलामी की जिंदगी में धकेल चुकी है। इन 4 श्रम संहिताओं को रद्द कर पुराने 44 श्रम कानूनों की बहाली की मांग पर आंदोलन तेज होगा।
उन्होंने तेल के लिए खून बहाने की अमेरिकी साम्राज्यवाद की नीति की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि युद्ध का सबसे बड़ा दुष्प्रभाव दुनिया के मेहनतकशों की जीवन स्थितियों पर पड़ रहा है।


