रायपुर
राजीव भवन में पत्रकारों से चर्चा में सांसद रंजीत
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 21 अप्रैल। छत्तीसगढ़ से कांग्रेस की राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन ने महिला आरक्षण विधेयक पर भाजपा के हमला बोल अभियान पर पलटवार किया। राजीव भवन में पत्रकार वार्ता में श्रीमती रंजन ने कहा कि इस बार महिलएं भाजपा के झांसे में नहीं फसेंगी, क्योंकि आरक्षण पर भाजपा की नीयत में खोट है। 2023 में विधेयक पारित हो चुका था। अब 5 राज्यों में चुनाव को देखते हुए लाया गया है। रंजन ने बताया कि सर्वदलीय बैठक में अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े और राहुल गांधी ने विधेयक चुनाव बाद लाने कहा था। भाजपा ने नहीं माना। उन्होंने भाजपा से पूछा कि 2023 में पारित विधेयक की अधिसूचना 3 माह बाद क्यों जारी किया गया। तब भाजपा ने यह भी कहा था कि जनगणना के पहले लागू नहीं कर सकते। और अब पारित विधेयक को फिर ले आए। जहां तक महिलाओं के विरोध की बात है तो जिन महिलाओं के साथ अन्याय किया गया उन्ही से विरोध करवा रहे हैं। जो सरासर धोखाधड़ी है। श्रीमती रंजन ने कहा कि भाजपा चाहे तो आज आरक्षण दे सकती है बस उन्हें परिसीमन का पैच (पैरा) हटाना होगा।
उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले विशेष सत्र बुलाना राजनीतिक स्टंट था।।विपक्ष को एक दिन पहले बिल देकर पढऩे का मौका नहीं दिया गया। सीट बढ़ाने को महिला आरक्षण से जोडऩे पर कांग्रेस को आपत्ति है कांग्रेस की मांग—परिसीमन और जनगणना की शर्त हटाकर महिला आरक्षण बिल तुरंत लागू हो।सीधे 543 सीटों पर 33 प्रतिशत महिला आरक्षण कर दीजिए। रंजीत ने कहा कांग्रेस ने ही 50 प्रतिशत आरक्षण देकर महिलाओं को सक्षम बनाया है। इसलिए महिलाएं भाजपा के झांसे में नहीं आने वाली भूमिका बांधने के लिए भाजपा कुछ न कुछ करती रहेगी। इस दौरान पूर्व मंत्री विधायक अनिला भेडिय़ा, संगीता सिन्हा चातुरी नन्द, अंबिका मरकाम, सावित्री मंडावी, हर्षिता बघेल, शेषराज हरवंश, कविता प्राणलहरे मौजूद रहीं।
नाक बचाने विशेष सत्र-पूर्व मंत्री और विधायक श्रीमती अनिला भेडिय़ा ने कहा बीजेपी अपनी नाक बचाने विधानसभा में विशेष सत्र बुला रही है। कांग्रेस विधायक अपना पक्ष रखेंगी। संगीता सिन्हा ने कहा महिला आरक्षण का पहले विधेयक कांग्रेस ने ही लाया था।


