रायपुर

‘लू’ शहर में जगह-जगह ठंडे पानी के फव्वारे वाले कूलिंग शेल्टर खुलेंगे
21-Apr-2026 5:42 PM
‘लू’ शहर में जगह-जगह ठंडे पानी के फव्वारे वाले कूलिंग शेल्टर खुलेंगे

अगले पांच दिन गर्मी का कहर बना रहेगा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 21 अप्रैल। राजधानी जिले में संभावित लू (हीटवेव) की स्थिति को देखते हुए सभी विभागों को सतर्क रहने एवं व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। गर्मी के मौसम की शुरुआत के साथ ही जिले में लू चलने की संभावना को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा समन्वित कार्ययोजना लागू की जा रही है, जिससे जनहानि एवं स्वास्थ्य संबंधी जोखिम को न्यूनतम किया जा सके।

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों एवं संवेदनशील आबादी की पहचान कर विशेष सुरक्षा उपाय अपनाने के निर्देश दिए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी अलर्ट प्रणाली के अनुसार रेड, ऑरेंज, येलो एवं सामान्य स्तर की चेतावनियों पर गंभीरता से कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

जिले के सभी सार्वजनिक स्थलों जैसे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाजार, पार्क एवं सरकारी कार्यालयों में शीतल जल केंद्र (प्याऊ) स्थापित किए जा रहे हैं। शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को निर्बाध रखने तथा नगर निगम के माध्यम से टैंकरों द्वारा जल वितरण की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही श्रमिकों एवं राहगीरों के लिए छायादार अस्थायी विश्राम केंद्र (कूलिंग शेल्टर) बनाए जा रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया है कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं जिला अस्पतालों में हीट स्ट्रोक प्रबंधन हेतु आवश्यक दवाएं, आई.वी. फ्लूड्स, ओआरएस पैकेट एवं कूलिंग ट्रीटमेंट सुविधाएं उपलब्ध रहें। चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को हीटवेव प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा एम्बुलेंस सेवाओं को भी आवश्यक संसाधनों से सुसज्जित किया जा रहा है।

महिला एवं बाल विकास विभाग को गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं कुपोषित बच्चों की विशेष निगरानी करने तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में ओआरएस एवं पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही टीएचआर वितरण के दौरान महिलाओं को लू से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है।

इसके अतिरिक्त, बाजारों एवं प्रमुख स्थानों पर मिस्ट स्प्रे एवं वाटर स्प्रिंकलिंग की व्यवस्था, निर्माण स्थलों एवं ईंट भट्टों पर कार्यरत श्रमिकों के लिए विशेष सतर्कता, तथा जन-जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को लू से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है।

कलेक्टर  ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि अत्यधिक गर्मी के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें, पर्याप्त पानी पिएं एवं स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सा सहायता प्राप्त करें।

 

44 के तापमान में दड़बे नुमा कमरों में 40-40 बच्चों की कोचिंग क्लासेस हो रहीं

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 21 अप्रैल। पहले से ही बिना किसी तरह के रजिस्ट्रेशन और अन्य कागजी अनुमति के संचालित कोचिंग सेंटर और ट्यूटोरियल्स इस भीषण गर्मी में भी क्लासेस हो रहीं हैं।

राजधानी ही नहीं पूरे प्रदेश के प्रमुख शहरों में राष्ट्रीय से लेकर स्थानीय स्तर के दर्जनों कोचिंग सेंटर खुले हुए हैं। जहां लाखों की संख्या में कक्षा 9-12 वीं तक के विद्यार्थी साइंस, कामर्स मैथ्स की कोचिंग लेते हैं। इनकी बहुतायत क्लासेस सुबह 7 बजे से लेकर रात 8 बजे तक 42-43 डिग्री तापमान में भी दिनभर अलग अलग शिफ्ट में होती हैं। स्कूलों में ग्रीष्म कालीन अवकाश घोषित होने के बाद तो इन कोचिंग सेंटर संचालकों के लिए दोपहर की शिफ्ट भी मानो मुफ्त में मिल गई है। वर्ना स्कूल टाइमिंग की वजह से 11-4 तक ये क्लासेस नहीं लेते हैं। इन पर  प्रशासनिक निगरानी न होने की वजह से ये इस भीषण गर्मी में भी बेरोकटोक क्लासेस संचालित कर रहे हैं। 10 बाई 15 के  दबड़े नुमा कमरों में  ठंडक के लिए कूलर आदि की व्यवस्था किए बिना 25-40 बच्चों को ठूंस कर क्लासेस हो रहीं हैं। राजधानी में शंकर नगर, शांति नगर,शैलेन्द्र नगर, बैरन बाजार, कालीबाड़ी राजेन्द्र नगर, सिविल लाइन, मोवा पंडरी, डीडी नगर सुंदर नगर, रजबंधा मैदान के अलावा कई छोटे स्कूलों में भी कोचिंग सेंटर खोले गए हैं। जो महंगी फीस लेकर भी बच्चों को मौसमी सुविधाओं का बेहतर माहौल नहीं दे रहे हैं।  इन पर न तो स्कूल शिक्षा न उच्च शिक्षा विभाग और नहीं रजिस्ट्रार फर्म्स की लगाम है। मोदी 2.0 में केंद्रीय वित्त विभाग ने इन कोचिंग सेंटर का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया था और निगरानी की व्यवस्था भी। लेकिन उसी का फायदा उठाकर संचालक बच्चों को सुविधाओं से वंचित किए हुए  हैं।


अन्य पोस्ट