रायपुर
वसूली एजेंट ने 62 हजार रुपए का गबन किया, कंपनी ने दर्ज कराई शिकायत
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 18 फरवरी। राजधानी में साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर एक अधेड़ से 17.15 लाख रुपए ठग लिए। मामला टिकरापारा थाना क्षेत्र का है। पीडि़त सरद कुमार तिवारी ने देर रात थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने अश्ररत आरोपी के खिलाफ 318-4, 319-2 340-2 का अपराध दर्ज किया है। साइबर सेल की मदद से जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक सरद कुमार तिवारी वार्ड 54 मोती नगर में रहते हैं। 15 फरवरी सुबह की 10.30 बजे उसके मोबाइल पर किसी अज्ञात नंबर 9356675181 से कॉल आया था। कॉल करने वाले ने खुद को कथित पुलिस अधिकारी बताते हुए शरद को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में संलिप्त बताया और उसके खिलाफ केस दर्ज होना बताया गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए डिजिटल अरेस्ट की कार्रवाई की बात कही।
ठग ने वीडियो कॉल और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाया गया। और सरद को डिजिटल अरेस्ट से बचाने और केस खत्म करने पैसों की मांग की गई। इस पर सरद से जांच के नाम पर 17 लाख 15 हजार रुपए अपने बताए बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद कथित अधिकारी का फोन आना बंद हो गया। तब ठगी का शक होने पर शरद कुमार ने रात 1.35 बजे टिकरापारा थाना जाकर इसकी शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य मामलों में अपराध दर्ज किया है। साइबर सेल को जांच सौंपी है। बैंक खातों और कॉल डिटेल के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
रायपुर, 18 फरवरी। राजधानी पंडरी, मोवा इलाके में एक निजी कंपनी के वसूली एजेंट ने कम्पनी के 62 हजार 400 रुपए का गबन कर दिया। इस मामले में कम्पनी के प्रतिनिधि ने मोती लाल डहरिया के खिलाफ गबन का मामला दर्ज कराया है।
पुलिस के मुताबिक प्रगति नगर पंडरी स्थित राधे चेंबर भवन में संचालित मेघदूत मर्केंटाइल प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि अविष्मान सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि कम्पनी में कार्यरत मोती लाल डहरिया कंपनी में वसूली एजेंट का काम करता था। इस बरच मोती लाल को 10 से 13 फरवरी के दौरान देनदारों से वसूली के लिए भ्ेाजा गया था। इस दौरान उसने देनदारों से वसूल की गई 62,400 रुपए की राशि वसूली कर कम्पनी में जमा नहीं किया। जिसके उससे संपर्क करने पर भी को जवाब नहीं दिया गया।
आरोपी ने रकम का अमानत में खयानत करते हुए गबन कर लिया। मामले में पुलिस ने धारा 316-4 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस पूछताछ कर दस्तावेजों और लेन-देन के विवरण की जांच कर रही है।


