रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 16 फरवरी। प्रदेश में गर्मी की दस्तक से पहले ही जल संकट के गहराने लगा है। कई नदियों और छोटे तालाबों का जल स्तर लगातार घट रहा है। हालांकि शहर के बड़े तालाबों पर इसका असर कम दिख रहा है, लेकिन कई तालाबों की स्थिति चिंताजनक हो गई है।
कुशालपुर स्थित पहाड़ी तालाब, खो-खो तालाब और चंगोराभाठा तालाब में जल स्तर काफी नीचे चला गया है। इसके अलावा गुढिय़ारी, अमानक और आसपास के अन्य तालाबों में भी पानी कम होता दिखाई दे रहा है। घटते जल स्तर के कारण आसपास के इलाकों में जल संकट गहराने की आशंका है।
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि समय रहते जल संरक्षण के उपाय नहीं किए गए तो गर्मी के चरम पर स्थिति और गंभीर हो सकती है। उनका आरोप है कि तालाबों के सौंदर्यीकरण के बाद नियमित रखरखाव नहीं किया जा रहा। जिससे कई स्थानों पर कचरे के ढेर लगने लगे हैं। हाल ही में हुए सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों के बाद बड़ी मात्रा में अपशिष्ट सामग्री तालाबों में फेंक दी गई, जिससे पानी प्रदूषित हो रहा है और गंदगी फैल रही है। इससे न केवल जल स्तर पर प्रभाव पड़ा, बल्कि जल की गुणवत्ता भी खराब हो रही है।
रहवासियों ने नगर निगम और संबंधित विभाग से तालाबों की नियमित सफाई, गाद निकासी और जल संरक्षण की ठोस योजना लागू करने की मांग की है, ताकि आगामी गर्मी में जल संकट से राहत मिल सके।


