रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 14 फरवरी। संत समाज ने राजिम कुंभ 2026 की तैयारियों के बीच साधु-संतों की सूची से नाम हटाए जाने पर गहरा असंतोष जताया है। शनिवार को विवेकानंद आश्रम, दशहरा मैदान के पास आयोजित प्रेस वार्ता में संत समाज के पदाधिकारियों ने इसे संतों का अपमान बताते हुए जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई की मांग की है। संत समाज का आरोप है कि रायपुर के प्राचीन मठों से जुड़े महंत देवदास जी महाराज, महंत वेदप्रकाश जी, गोंडवाना संत निराहारी महाराज और किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर सौम्य मां सहित अन्य संतों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। इसे लेकर संतों और अनुयायियों में नाराजगी जताई है। संत समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि लगातार उपेक्षा किए जाने से वे आहत हैं और सचिव पद से इस्तीफा स्वीकार किए जाने की भी मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब सूची में नाम दोबारा जोडऩे का आग्रह नहीं किया जाएगा।
संत समाज ने कहा कि वे सनातन धर्म की सेवा, धार्मिक जनजागरण और सामाजिक मुद्दों पर अभियान पूर्ववत जारी रखेंगे। साथ ही शासन-प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की गई है।


