रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 10 फरवरी। पांच साल पहले गरियाबंद के छुरा में गांजा रखने के मामले में गिरफ्तार परमानंद अजगले निवासी ग्राम खैरझिटी को विशेष एनडीपीएस न्यायालय ने दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास एवं 40 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश श्रीमती किरण थवाईत ने सुनाया है।
अभियोजन के मुताबिक, 3 सितंबर 2020 को थाना छुरा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी अपने घर में गांजा बिक्री के लिए रखे हुए है। सूचना के आधार पर सहायक उपनिरीक्षक श्रवण विश्वकर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ग्राम खैरझिटी में आरोपी के मकान की तलाशी ली, जहां से एक प्लास्टिक बोरी में रखे कुल 4 किलो 110 ग्राम गांजा बरामद किया गया।
मौके पर विधिवत पंचनामा तैयार कर गांजा जप्त किया गया । जिसके बाद आरोपी के विरुद्ध अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन ने कुल 9 साक्षियों का परीक्षण कराया। स्वतंत्र गवाहों के न्यायालय में कथन से पलट जाने के बावजूद न्यायालय ने यह माना कि पुलिस अधिकारियों के सुसंगत व विश्वसनीय कथनों, जब्ती पंचनामा, एफएसएल रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों से अभियोजन का मामला संदेह से परे सिद्ध होता है।


