रायपुर
प्रकरण पर 14 मार्च को सुनवाई
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
नई दिल्ली/ रायपुर, 8 फरवरी। महानदी जल विवाद पर शनिवार को ट्रिब्यूनल में ओडिशा, और छत्तीसगढ़ सरकार ने अब तक की बातचीत की प्रगति से अवगत कराया है। दोनों ही राज्यों ने एक-दूसरे के यहां कुछ प्रोजेक्ट पर सैद्धांतिक सहमति दी है। इस विवाद पर अगली सुनवाई 14 मार्च को होगी। बताया गया कि ट्रिब्यूनल के चेयरमैन और सदस्य जल्द ही दोनों राज्यों का दौरा भी कर सकते हैं।
महानदी जल विवाद पर ओडिशा और छत्तीसगढ़ सरकार के बीच चर्चा का दौर चल रहा है। दोनों राज्यों की टेक्निकल कमेटी बनी हुई है। टेक्निकल कमेटी महानदी बेसिन में जल की उपलब्धता को लेकर रिपोर्ट तैयार की है। इसके अलावा दोनों ही राज्यों की वर्किंग कमेटी की बैठक भी हुई है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ के जल संसाधन सचिव भी बैठक कर चुके हैं।
बताया गया कि दोनों ही राज्यों ने महानदी बेसिन पर एक-दूसरे के यहां प्रोजेक्ट पर आपत्ति की है। इस वजह से दोनों ही राज्यों के प्रोजेक्ट अटके पड़े हैं। अब टेक्निकल कमेटी ने बेसिन में जल की उपलब्धतता का आंकलन करने के बाद निर्माण को जरूरी बता रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक ओडिशा सरकार ने रायगढ़-जशपुर इलाके में महानदी की सहायक ईब नदी पर बांध निर्माण के लिए सैद्धांतिक सहमति दी है। हालांकि इसके लिए केंद्रीय जल आयोग की अनुमति जरूरी है। इसी तरह छत्तीसगढ़ सरकार ने भी ओडिशा के यहां एक प्रोजेक्ट पर सहमति दी है। ट्रिब्यूनल में इन तमाम बिंदुओं पर चर्चा हुई है।
बताया गया कि ट्रिब्यूनल की चेयरमैन श्रीमती बेला एस त्रिवेदी और ट्रिब्यूनल के अन्य सदस्य जल्द ही महानदी बेसिन का दौरा कर सकते हैं। इस पूरे मामले पर अगली सुनवाई 14 मार्च को होगी।
सूत्रों के मुताबिक महानदी बेसिन पर छत्तीसगढ़ सरकार बड़े निर्माण कार्य पर जोर दे रही है, ताकि गर्मी में पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो सके। इस मामले पर सचिव स्तर की चर्चा भी हुई है। छत्तीसगढ़ सरकार ने भी ओडिशा में बड़े प्रोजेक्ट को लेकर सहमत हैं। दोनों ही पक्ष एक-दूसरे के इलाकों में दौरा कर रहे हैं।
दूसरी तरफ, ओडिशा में महानदी जल विवाद को लेकर सर्वदलीय समिति बनी हुई है, और वहां विवाद चल रहा है। पूर्व सीएम नवीन पटनायक ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बीजेपी के नेतृत्व वाली ओडिशा सरकार द्वारा महानदी जल विवाद को संभालने के तरीके की कड़ी आलोचना की। पटनायक ने सरकार पर बेईमान होने और सिफऱ् दिखावा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ओडिशा के लोग नदी की सुरक्षा पर कोई समझौता स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने विवाद को सुलझाने की सरकार की रणनीति पर भी सवाल उठाया है, और सरकार पर ओडिशा के हितों की रक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया है।
कार्यकाल बढ़ाने केंद्र को पत्र लिखा
इस बीच महानदी जल विवाद का 13 अप्रैल से पहले निर्णय होना असंभव सा नजर आ रहा है। खबर है कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ दोनों ने केंद्र से ट्रिब्यूनल का कार्यकाल को 27 मार्च, 2027 तक बढ़ाने का अनुरोध किया है। बता दें कि ट्रिब्यूनल फरवरी के आखिरी हफ्ते और मार्च के पहले हफ्ते के बीच मौके का दौरा करने के बाद 14 मार्च को सुनवाई करने वाला है। ट्रिब्यूनल का कार्यकाल 13 अप्रैल को खत्म होने वाला है।


