रायपुर

अतिथि शिक्षक को बीज निगम में सचिव की नौकरी दिलाने का झांसा दे लाखों रुपए ऐंठ लिए
08-Feb-2026 8:46 PM
अतिथि शिक्षक को बीज निगम में सचिव की नौकरी दिलाने का झांसा दे लाखों रुपए ऐंठ लिए

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 8 फरवरी। जगदलपुर के अतिथि शिक्षक को सरकारी नौकरी  बीज निगम में सचिव पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर  लाखों रुपए ऐंठ लिए गए।  शिकायत पर  तेलीबांधा पुलिस ने आरोपी महिला व पुरुष के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

 सुमित महिलांगे  निवासी ग्राम जोरा, थाना तेलीबांधा, वर्तमान में शासकीय कृषि महाविद्यालय जगदलपुर में अतिथि शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। इससे पूर्व वर्ष 2024 में वे शासकीय कृषि महाविद्यालय नारायणपुर में अतिथि शिक्षक के रूप में पदस्थ थे।

सुमित ने पुलिस को बताया कि नारायणपुर में पदस्थापना के दौरान उनकी पहचान सहकर्मियों कृष्णा गुप्ता एवं मनमोहन बिसेन से हुई थी। इसी दौरान मनमोहन बिसेन की रिश्तेदार राधा कश्यप, निवासी हिमालय हाईट्स, डूमरतरई रायपुर ने यह भरोसा दिलाया गया कि उनके परिचित निशिकांत बेदालकर की ऊँचे अधिकारियों से अच्छी पकड़ है और वे छत्तीसगढ़ बीज निगम में सचिव पद पर शासकीय नौकरी लगवा सकते हैं।

 26 फरवरी 2024 को सुमित महिलांगे अपने छोटे भाई अमित महिलांगे एवं सहकर्मी कृष्णा गुप्ता के साथ हिमालय हाईट्स पहुंचे, जहाँ निशिकांत बेदालकर से मुलाकात कराई गई। आरोप है कि दोनों आरोपियों ने संयुक्त रूप से नौकरी लगवाने का पक्का आश्वासन देते हुए प्रति व्यक्ति 15 लाख रुपये की मांग की तथा एडवांस के रूप में 5 लाख रुपए लेने की बात कही। साथ ही यह भी कहा गया कि नौकरी न लगने की स्थिति में रकम वापस कर दी जाएगी।

आरोपियों की बातों पर विश्वास कर पीडि़त ने विभिन्न तिथियों में फोन-पे के माध्यम से 5 लाख रुपए निशिकांत बेदालकर के ढ्ढष्ठस्नष्ट स्नद्बह्म्ह्यह्ल क्चड्डठ्ठद्म खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर किए। हालांकि, करीब डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी न तो कोई नियुक्ति प्रक्रिया हुई और न ही नौकरी दिलाई गई।

लगातार दबाव बनाने पर अक्टूबर 2025 में आरोपियों द्वारा आंशिक रूप से 2 लाख रुपये वापस किए गए, जबकि शेष 3 लाख रुपये लौटाने से इनकार कर दिया गया। पीडि़त का आरोप है कि अब आरोपी यह कहते हुए धमका रहे हैं कि जो करना है कर लो, पैसा नहीं मिलेगा।

मामले में थाना तेलीबांधा पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपराध पंजीबद्ध कर जांच प्रारंभ कर दी है। पुलिस का कहना है कि बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल कॉल डिटेल एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।


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