रायपुर

प्रदेश में 587 खतरनाक अपशिष्ट उत्पादक इकाइयां, लोकसभा में सांसद अग्रवाल ने उठाया मुद्दा
08-Feb-2026 8:35 PM
प्रदेश में  587 खतरनाक अपशिष्ट उत्पादक इकाइयां, लोकसभा में सांसद अग्रवाल ने उठाया मुद्दा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 8 फरवरी। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में रसायन क्षेत्र में लघु एवं मध्यम उद्यमों (एसएमई) को सशक्त बनाने, पर्यावरण संरक्षण के साथ औद्योगिक विकास को संतुलित करने तथा छत्तीसगढ़ जैसे औद्योगिक राज्यों की विशेष चुनौतियों को उठाया।

सांसद श्री अग्रवाल ने रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय से प्रश्न करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में लगभग 60 प्रतिशत लघु उद्योग ‘लाल श्रेणी’ में आते हैं, जहां नदी प्रदूषण और खतरनाक अपशिष्ट प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में यह जानना आवश्यक है कि खतरनाक अपशिष्ट नियम, 2016 के अंतर्गत चक्रीय अर्थव्यवस्था मानकों को पूरा करने के लिए एसएमई को किस प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है और राज्यवार कार्यान्वयन की स्थिति क्या है।

रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने बताया कि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा खतरनाक एवं अन्य अपशिष्ट (प्रबंधन एवं सीमा पार संचलन) नियम, 2016 लागू किए गए हैं। 

इन नियमों के तहत अपशिष्ट की रोकथाम, न्यूनीकरण, पुन: उपयोग, पुनर्चक्रण और सह-प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जा रहा है।

सांसद अग्रवाल का कहना है कि, छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 587 खतरनाक अपशिष्ट उत्पन्न करने वाली इकाइयां, 36 पुनर्चक्रणकर्ता, 40 अधिकृत उपयोगकर्ता और 175 आंतरिक उपयोगकर्ता कार्यरत हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 में राज्य में लगभग 2.12 लाख  टन खतरनाक अपशिष्ट का पुनर्चक्रण या उपयोग किया गया, जो राज्य में सर्कुलर इकोनॉमी की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाता है।


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