रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 6 फरवरी। नई आबकारी नीति के अनुसार 1 अप्रैल से देशी-विदेशी शराब के प्लास्टिक बॉटल में बेचने के फैसले पर रोक लगाने की मांग की है। छत्तीसगढ़ बॉटलिंग एसोसिऐशन के अध्यक्ष मनोज मलिक ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्लास्टिक बॉटल के चलन में आने से कांच की बोतल बनाने और पैकिंग करने वाले लाखों लोगों का रोजगार समाप्त हो जायेगा।प्लास्टिक बॉटल से पर्यावरण और उसके फेंकने से भूमि को भी काफी नुकसान होगा। प्लास्टिक बॉटल के चलन में आने से सरकार को जीएसटी में भी काफी नुकसान होगा। और प्लास्टिक बोतल में इंजेक्शन की मदद से शराब की चोरी कर एक नई बोतल पैक की जा सकती है।
मलिक ने कहा कि एक ओर राज्य और केन्द्र सरकार द्वारा प्लास्टिक को बंद करने की पहल हो रही है, और दूसरी तरफ शराब के लिए प्लास्टिक की बॉटल में आने की प्रक्रिया में है। प्लास्टिक बॉटल में शराब भराई होने से सिर्फ डिस्लरी को फायदा होगा, अन्य लाखो लोग बेरोजगार हो जायेंगे। प्लास्टिक बॉटल में शराब की भराई होने से छत्तीसगढ़ में हर माह में लगभग 10 करोड़ खाली बोतलों का सडक़ों पर, खेतों अन्य जगहों में कचरे के रूप में प्रदूषण बढ़ेगा जिसका निष्पादन सम्भव नहीं हो पायेगा।


