रायपुर

होली से पहले एक और डीए
02-Feb-2026 7:03 PM
होली से पहले एक और डीए

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 2 फरवरी। दिसंबर 2025 का ऑल इंडिया कंज़्यूमर प्राइस इंडेक्स–इंडस्ट्रियल वर्कर्स ( एआईसीपीआई-आईडब्लू) डेटा जारी हो गया है। लेबर ब्यूरो चंडीगढ़ के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2026 से महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर ) में 2-2 फीसदी की बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। अभी केंद्रीय कर्मचारियों को 58 प्रतिशत डीए मिल रहा है, जो बढक़र 60 प्रतिशत हो सकता है। भले ही 7वें वेतन आयोग की अवधि 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो चुकी हो और 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू माना जा रहा हो, लेकिन जब तक 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू नहीं होतीं, तब तक डीए  और डीआर की बढ़ोतरी 7वें वेतन आयोग के आधार पर ही होती रहेगी।

लेबर ब्यूरो के अनुसार दिसंबर 2025 में एआईसीपीआई-आईडब्लू  इंडेक्स 148.2 पर स्थिर रहा, जो नवंबर 2025 के बराबर है। इससे पिछले 12 महीनों का औसत एआईसीपीआई-आईडब्लू  145.54 निकलता है। डीए की गणना एक तय फॉर्मूले से होती है, जिसमें 12 महीने के औसत एआईसीपीआई-आईडब्लू  को 2001 बेस ईयर से जोड़ा जाता है। इसके लिए 2016 बेस ईयर के आंकड़ों को 2.88 के फैक्टर से गुणा किया जाता है। गणना के बाद डीए करीब 60.33 प्रतिशत बैठता है, लेकिन सरकार हमेशा राउंड फिगर लेती है, इसलिए इसे 60प्रतिशत माना जाएगा। यानी मौजूदा 58प्रतिशत डीएके मुकाबले इसमें 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।

अब दिसंबर 2025 के आंकड़ों के आधार पर जनवरी 2026 से एक और बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिसका आधिकारिक ऐलान मार्च 2026 में होली से पहले किया जा सकता है।

 

18 हजार मजदूरी प्राप्तकर्ता व्यक्ति कामगार के दायरे से बाहर

रायपुर, 2 फरवरी। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने मजदूरी संहिता में संशोधन किया है। यह संशोधन छह साल बाद किया गया है। 30 जनवरी को जारी संशोधित अधिसूचना के अनुसार अब किसी काम  रोजगार में नियोजित व्यक्ति जो 18 हजार रुपए प्रति माह मजदूरी प्राप्त कर रहा है,को कामगार की परिभाषा के दायरे से बाहर रखा गया है ।


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