रायपुर
खादी, हाथ करघा और हस्तशिल्प क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा - बजाज
रायपुर, 2 फरवरी। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं भाजपा प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा वर्ष 2026 27 के लिए संसद में प्रस्तुत बजट का स्वागत करते हुए कहा कि यह समन्वित विकास और राष्ट्र कल्याण के संकल्प का समुचित दस्तावेज है, जो देश को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के अनुरूप आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत की दिशा में आगे ले जाने में सहायक सिद्ध होगा। यह बजट गांव, गरीब, किसान, युवा, महिला एवं मध्यम वर्ग की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। श्री बजाज ने कहा कि इस ऐतिहासिक बजट में कृषि के क्षेत्र में एआई तकनीक से किसी उत्पादन बढ़ाने, पशुपालन मत्स्य पालन एवं दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए विशेष प्रावधान किया गया है । श्री बजाज ने कहा कि इस बजट के माध्यम से सरकारी समितियां व संस्थाओं को सशक्त बनाकर सरकार से समृद्धि लाने का प्रयास हुआ है , साथ ही साथ ग्रामीण रोजगार व आजीविका योजनाओं को फोकस किया गया है। उन्होंने महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना लागू करने का स्वागत करते हुए कहा कि इस योजना से खादी, हाथ करघा और हस्तशिल्प क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।
विकसित भारत की रखी गई मजबूत नींव
भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता राहुल भारद्वाज ने बजट का स्वागत करते हुए इसे विकसित भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम बताया है। राहुल भारद्वाज जी ने कहा कि यह बजट विकास को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है, जिसमें पुंजीगत व्यय को बढ़ावा देकर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की ठोस पहल की गई है। सरकार का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर विशेष फोकस देश को आत्मनिर्भर और वैश्विक अर्थव्यवस्था में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह बजट जहां युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित करेगा, वहीं महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण को भी प्राथमिकता देता है।
विकास के लिए मजबूत आधार का निर्माण
चुनौतियों और अनिश्चितताओं के समय में वित्त मंत्री के लिए बजट बनाना है इतना आसान नहीं था। वित्त मंत्री ने वृद्धि को सतत रूप से बनाए रखने के लिए संरचनात्मक सुधारो के माध्यम से आधारभूत संरचना, विनिर्माण और रोजगार की क्षमता को विकसित करने वाले आधार को मजबूत किया है। लगभग 53.47 लाख करोड़ के बजट में राजकोषीय अनुशासन को बनाए रखते हुए एक ओर राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.3 प्रतिशत पर रखा है वहीं ऋण को जीडीपी के 55.6 प्रतिशत पर रखने का लक्ष्य रखा है। वित्त मंत्री ने कहा कि विकास का लाभ हर किसी तक पहुंचे। बजट में सबसे अधिक प्रावधान आधारभूत संरचना के लिए 12.02 लाख करोड़ का रखा गया है।
रविन्द्र के ब्रम्हे
प्रोफेसर अर्थशास्त्र, रविवि रायपुर
बिना रोडमैप का दिशाहीन बजट
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अजय गंगवानी ने कहा कि आज वित्त मंत्री द्वारा 85 मिनट तक देश का आम बजट पेश किया गया. परंतु बजट का पिटारा पूरी तरह खाली था. वर्तमान समय में देश में महंगाई और बेरोजगारी और आर्थिक असमानता चरम पर है. इस बजट से देश की आम जनता, किसान, गरीब, मजदूर, महिला और युवा वर्ग को एक उम्मीद और एक आस और टकटकी लगाकर बैठे थे कि इस बजट में वित्त मंत्री करों में राहत देने की बात करेंगी, उनके लिए कुछ खास पैकेज होगा, सरकार उनके हितों के लिए कुछ नई जनकल्याणकारी योजनाएं लेकर आएगी, देश में रोजगार सृजन का और बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करने का ब्लूप्रिंट लेकर आएगी, आम जनता की जेब में सीधा पैसा डालकर उनको आर्थिक रूप से संबल देने करने का काम करेगी परंतु यह बजट आम जनता की उम्मीद और अपेक्षाओं के पूरी तरह विपरीत और निराशाजनक रहा. एक तरफ वित्त मंत्री सीतारमण जी बजट पेश कर रही थी, दूसरी तरफ शेयर बाजार ओँधे मुंह गिर रहा था जो इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है कि इस बजट से देश का कारोबारी और व्यापारी बुरी तरह हताश और निराश है।


