रायपुर

आचार्य श्री विद्या सागर का द्वितीय समाधि दिवस मनाया
28-Jan-2026 6:51 PM
आचार्य श्री विद्या सागर का द्वितीय समाधि दिवस मनाया

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 28 जनवरी। कचना, अमलतास स्थित श्री मुनिसुब्रत नाथ दिगम्बर जैन मंदिर में समाधिस्थ संत शिरोमणि 108 श्री विद्या सागर महामुनिराज का द्वितीय समाधि दिवस मनाया गया।

मंदिर के अध्यक्ष हिमांशु जैन ने बताया कि दैनिक अभिषेक, पूजन आदि क्रियाओं के पश्चात  आचार्य छत्तीसी विधान सुरेश मोदी  के मार्ग दर्शन में सम्पन्न हुआ ।

संत शिरोमणि आचार्य श्री के जीवन पर प्रकाश डालते हुए  सुरेश मोदी ने बताया कि आज समाधि दिवस पर आचार्य श्री के द्वारा किए गए प्रकल्प याद आते हैं। किस तरह उन्होंने कैदियों को नया जीवनदान मिले और उन्हें स्वावलंबी बनाने हेतु हथकरघा का कार्य प्रारंभ करवाया ,जो कि अब पूरे देश की जेलों के अलावा अन्यत्र भी वृहद रूप में संचालित हो रहे है।

बालिकाओं को उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त हो इस लिए जगह, जगह प्रतिभा स्थली प्रारंभ करवाया।

गुरुदेव की दूरदर्शिता इससे परिलक्षित होती है कि लौट चलो भारत की ओर का नारा दे कर भारत देश को भी पुरानी पहचान दिलाई और और सभी स्थानों में हिंदी में कार्य करने की प्रेरणा दी।गुरुदेव ने गौशालाओं के माध्यम से जीवो की रक्षा हेतु सभी को संकल्पित किया।

गुरुदेव की सोच की उन्होंने अपने आराध्य कुंडलपुर के बड़े बाबा जी को उच्च स्थान दिला कर सारे जगत में एक अद्भुत कला की प्रतिकृति  मंदिर का निर्माण अपने निर्देशन में कराया। आज गुरुदेव के द्वितीय समाधि दिवस पर हम सब यह संकल्प ले कि गुरुदेव के द्वारा प्रतिपादित लक्ष्य की ओर सदैव अग्रसर रहेंगे यही हमारी गुरुदेव को सच्ची विनयांजलि होगी।


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