रायपुर

भागवत कथा ऐसा फल है जिसमें रस ही रस है-वागीश
21-Jan-2026 7:45 PM
भागवत कथा ऐसा फल है जिसमें रस ही रस है-वागीश

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 21 जनवरी। पुरानी बस्ती श्री महामाया देवी मंदिर में गुप्त नवरात्रि महोत्सव में जारी श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ कथा  के दूसरे दिन आचार्य  मारुति नंदन आचार्य वागीश  महाराज ने प्रभु भक्ति को विस्तार से बताया । उन्होंने  कहा कि संकट के समय कुंती ने प्रभु दर्शन पर विपत्ति मांगी थी। संपत्ति नहीं मांगी थी। विपत्ति आने से प्रभु का स्मरण बना रहता है।

उन्होंने उत्तरायण और दक्षिणायन का उल्लेख उल्लेख करते हुए बताया कि भगवान श्री कृष्णा उत्तरा के गर्भ के कारण उनका एक नाम उत्तरायण भी है। उत्तरायण और दक्षिणायन रहता है। हमारे आपके जीवन में भी उत्तरायण और दक्षिणायन है।

वागीश महाराज ने कहा जीवन में गुरु नहीं तो जीवन शुरू नहीं? कहा। भागवत कथा एक ऐसा फल है जिसमें गुठली, गुदा, छिलका नहीं है, केवल रस ही रस है। उन्होंने रास रसिक और रसिया को स्पष्ट करते हुए बताया कि रस श्री कृष्णा है। रसिक गोपियां  है एवं रसिया बांसुरी है। बांसुरी स्वयं सुनकर दूसरों को सुनाती है। मुंह से पीने वाला रस व्यर्थ हो जाता है, किंतु कान से सुनने वाला रस पवित्र करता है। नैमिषा रण्य तीर्थ में 6 प्रश्न पूछे गए थे। भक्तों से अपील की कि मंदिर में मांगने जाते हैं तो उसका काम भक्ति है। किंतु प्रभु से निष्काम भक्त होना चाहिए। भागवत सुनने से पूर्व जन्म के दोष से भी मुक्ति मिलती है।

उन्होंने मनुष्य के विशेष कर महिलाओं के  गहनों का उल्लेख करते हुए कहा कि कानों में दो बाली, हरि सेवा साधु सेवा का प्रतीक है। नाक की फुल्ली आत्मिक भक्ति है। मुंह में पान का बीड़ा भजन में प्रतीक है। नुपर में सदाचार, हाथों में कंगन समर्पण व  करधर्ध संयम का प्रतीक है। भगवान के 24 अवतार हैं मनुष्य के शरीर में भी 24 तत्व है किंतु श्री कृष्ण अवतार पूर्ण अवतार है। गायत्री मंत्र में 24 शब्द, दत्तात्रेय जी ने 24 शिक्षा गुरु बनाया, किंतु श्री रामावतार, कृष्णावतार, नरसिंह अवतार व वामन अवतार पूर्ण अवतार है।

फेसबुक यूट्यूब चैनल पर भी प्रसारण

 न्यास समिति के अध्यक्ष व्यास नारायण तिवारी ने बताया है कि कथा का प्रसारण मां महामाया देवी मंदिर रायपुर के फेसबुक पेज एवं यूट्यूब चैनल के साथ श्री वागीश  के यूट्यूब पर भी श्रद्धालुओं के लिए सीधा प्रसारण हो रहा है।

मोबाइल घर पर छोड़ कर आएं

महामाया मंदिर न्यास समिति के व्यवस्थापक पं विजय कुमार झा ने  धर्म प्रिय श्रद्धालुओं से भागवत के मंच में मोबाइल को भूल जाने का अनुरोध करते हुए कहा कि जितना उंगली हम मोबाइल में चलाते हैं, उतना उंगली यदि माला में चलाएंगे तो जीवन धन्य हो जाएगा। लेकिन दुर्भाग्य है कि मोबाइल में उंगलियां चलती है, माला में नहीं चलती। इससे नई पीढ़ी बर्बाद हो रही है। श्रोता को काम क्रोध से मुक्त होना चाहिए वही भागवत सुनने का अधिकारी है।


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