रायपुर
रायपुर, 19 जनवरी। अवकाश के दिनों को छोड़ धान खरीदी की अंतिम तिथि में 9 दिन ?बाकी रह गए हैं , लेकिन खरीदी में अव्यवस्था से सोसायटियां, और किसान परेशान हैं । एक ओर धान खरीदी के लिए जगह न होने के नाम पर सोसायटियां जाम धान ?की उठाव हेतु गुहार पर गुहार लगा रहा है ,तो? दूसरी ओर ?टोकन न मिलने से किसान परेशान हैं । मिलर्स द्वारा उठाव किये जा चुके धान के कथित सत्यापन के नाम पर जहां उपार्जन केन्द्रों से धान के उठाव पर बीते 17 जनवरी से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है वहीं किसानों द्वारा बिक्री हेतु शेष धान के सत्यापन के नाम पर टोकन जारी करना बंद कर दिया गया है । इसे लेकर सोसायटी कर्मी, और किसान परेशान हैं ।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह को सोमवार को मेल से प्रेषित ज्ञापन में किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने यह जानकारी देते हुए सोसायटियों व? किसानों के व्यापक हित में अविलंब व्यवहारिक निर्णय लेने का आग्रह किया है । ज्ञापन में बताया गया है कि जाम धान ?की वजह से खरीदी के लिए जगह नहीं होने व? सूखती सहित अन्य कारणों के चलते आर्थिक ?क्षति होने की बात कह अधिकांश सोसायटियां अविलंब उठाव की मांग कर रही है पर दूसरी ओर मिलर्स द्वारा अब तक उठाव किए गए धान के भौतिक सत्यापन के नाम पर नया डीओ जारी करना तो दूर , जारी किये जा चुके डी ओ के भी धान को मिलर्स को उठाव न करने देने का फरमान जारी कर बीते 17 जनवरी से ?इस पर रोक लगा दिया गया है । दो एकड़ तक के भूमिस्वामी किसानों को 1 टोकन , 2 से 10 एकड़ के भूमिस्वामी किसानों को 2 टोकन व? 10 एकड़ से अधिक भूमिधारी किसानों को 3 टोकन की पात्रता देने की नीति का हवाला देते हुये बताया गया है कि एक टोकन का पात्रता धारी किसान जल्द से जल्द धान बेचने के चक्कर में आन लाइन टोकन काटते समय चुक की वजह से अथवा आनलाईन में पर्याप्त लिमिट न होने की वजह से पात्रता से कम धान बेच पाए हैं, और बचत धान बिक्री के इंतजार में है । ऐसी ही स्थिति कमोबेश दो टोकन की पात्रता वाले किसानों की भी है जो इसी चूक के साथ - साथ तीन टोकन सुविधा होने की गलतफहमी के चलते अपना पूरा धान नहीं बेच पाया है । तीन टोकन की पात्रता वाले किसानों को तीसरा टोकन जारी नहीं होने से पात्रता के बाद भी वे धान बेचने से वंचित रह गये हैं । बीते वर्षों तक ऐसे किसानों को धान खरीदी तिथि समाप्ति के लगभग 15 दिन पूर्व एक अतिरिक्त टोकन जारी किये जाने की व्यवस्था की जानकारी देते हुये ऐसे किसानों की सूची सोसायटियों से मंगवा उन्हें एक अतिरिक्त टोकन सुविधा उपलब्ध कराने का आग्रह ज्ञापन में किया गया है ।
किसानों द्वारा बिक्री के लिए शेष धान की? भौतिक सत्यापन के नाम पर टोकन जारी करना बंद किये जाने व 27 जनवरी के बाद की तिथि के लिये टोकन जारी नहीं होने की जानकारी देते हुये बताया गया कि धान खरीदी के लिये निर्धारित अंतिम तिथि 31 जनवरी के लिये पूर्व में काटे जा चुके किसानों को भी अपना धान 2 दिन पहले 29 जनवरी को उपार्जन केन्द्रों में लाने का फरमान जारी कर दिया गया है जिसके चलते 29 व 31 जनवरी का धान एक ही दिन में खरीदने से केन्द्रों की व्यवस्था चरमरा जावेगी ।
शर्मा ने इन मसलों पर तत्काल व्यवहारिक निर्णय लेने का आग्रह करते हुये ?आगाह किया है कि किसान हित में निर्णय नहीं लेने पर जहां किसान कोचियों को औने-पौने दाम पर धान बेचने मजबूर होंगे वहीं सोसायटियों को? गंभीर आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ेगा ।


