रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 19 जनवरी। राजधानी रायपुर में साइबर ठगों ने एक रिटायर्ड वेटनरी डॉक्टर स्वप्न कुमार को 10 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर 73 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए डाक्टर से संपर्क किया और उन्हें गंभीर आपराधिक मामले में फंसाने की धमकी दी।
विधानसभा थाना क्षेत्र के स्वर्णभूमि, आमासिवनी निवासी 74 वर्षीय डाक्टर को ठगों ने व्हाट्सएप कॉल किया।फर्जी आईडी, वर्दी और वीडियो कॉल का इस्तेमाल
कहा कि उनके आधार, बैंक अकाउंट और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है।गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर "डिजिटल अरेस्ट" में रखने की बात कही। 10 दिनों तक लगातार वीडियो कॉल पर नजर रखी गई।घर से बाहर जाने, किसी से बात करने से मना किया गया।डर और मानसिक दबाव बनाकर अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर कराए ,इस तरह कुल 73 लाख रुपये की ठगी की गई।
उरला थाने के निरीक्षक रोहित मालेकर ने यह घटना शेयर करते हुए कोई भी पुलिस, सीबीआई, ईडी, क्राइम ब्रांच व्हाट्सएप कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करती
डिजिटल अरेस्ट नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती
कोई अधिकारी पैसे ट्रांसफर करने को नहीं कहता है वीडियो कॉल पर वर्दी दिखा कर आसानी से ठगी की जा सकती है।
ऐसे कॉल आते ही तुरंत काट दें- डराने-धमकाने वाली बातों पर भरोसा न करें, किसी भी हालत में पैसा ट्रांसफर न करें, तुरंत 1930 पर कॉल करें, cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें, नजदीकी थाना या साइबर सेल को जानकारी दे सकते हो।
पिछले वर्ष भी महिला से 2.83 करोड़ ठगे थे
इससे पहले पिछले वर्ष 12 जुलाई को विधानसभा थाना अंतर्गत ही महिला सोनिया हंसपाल को आरोपियों ने डेढ़ महीने तक डिजिटल अरेस्ट कर उससे 2 करोड़ 83 लाख रुपए की ठगी की थी ?।
एंटी साइबर एंड क्राइम यूनिट और पुलिस की संयुक्त टीम ने अलग-अलग राज्यों में रेड की कार्रवाई करते हुए ठगी के 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपियों के अकाउंट में 43 लाख रुपए होल्ड कराया था। ठगी करने वाले 4 आरोपियों के साथ ही एक आरोपी आनंद सिंह देवरिया जो कि पंजाब नेशनल बैंक का ग्राहक सेवा केंद्र का काम देखता है उसे भी गिरफ्तार किया है।


