रायपुर

पहले कोविड, और अब आई फ्लू की वजह से जेल प्रशासन ने बहनों को घरों में रोका
29-Aug-2023 2:45 PM
पहले कोविड, और अब आई फ्लू की वजह  से जेल प्रशासन ने बहनों को घरों में रोका

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 29 अगस्त।
पूरा प्रदेश कोरोना मुक्त जैसी स्थिति में आ चुका है लेकिन छत्तीसगढ़ का जेल विभाग अभी भी उन्हीं प्रोटोकॉल पर चल रहा है। इस वजह से इस वर्ष भी बंदी भाइयों की कलाई बिन राखी सूनी रहने के आसार है। 

सूत्रों ने बताया कि कोविड-19 के दिशा निर्देश  2020 से अब तक यथावत् जारी हैं। कल भाई बहनों या पवित्र पर्व राखी कल है, और जेल विभाग से राखी को लेकर कोई नये निर्देश जारी न होने से दूर दराज से आने वाली बहनों में असमंजस बना हुआ है। ऐसे में कैदी, बंदी भी जेल के भीतर नंबरदार, प्रहरी और अन्य अफसरों से पूछताछ करने लगे हैं। ये अफसर भी कुछ बता पाने की स्थिति में नहीं है। 

प्रदेश के 33 जेलों में इस समय 22 हजार से अधिक कैदी और बंदी हैं। इनमें से बहुतायत पुरूष हैं।और इनकी बहने ही राखी से एक दिन पहले ही राजधानी समेत अपने अपने इलाकों के जेल परिसर में पहुंचने लगती हैं। इस बार राखी का मुहूर्त 30 अगस्त की रात से 31 की सुबह तक होने और जेल विभाग के आदेश न होने से  और भी असमंजस की स्थिति है। डीआईजी जेल शंकर सिंह तिग्गा ने बताया कि जेल मुख्यालय से सभी अधीक्षकों को पत्र भेज दिया गया है। प्रदेशभर में फैले आई फ्लू (लाल आंख) के संक्रमण को बंदियों तक पहुंचने से रोकने रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों की मुलाकात पर रोक लगा दी गई है।  

उधर बस्तर के नारायणपुर जेल से खबर है कि डेंगू फैलने की वजह से राखी के दिन बहनों की मुलाकात और रक्षाबंधन की अनुमति नहीं रहेगी। इस बीच रायपुर केन्द्रीय जेल में मंगलवार को दूर दराज से आई बहनों की भीड़ रही। वह भीतर बंद अपने भाईयों के लिए राखी, और मिठाई के पैकेट सौंप गईं। 
 


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