रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 27 अगस्त। सीएम भूपेश बघेल रविवार पूर्वान्ह पुलिस लाइन हैलीपैड पर पत्रकारों से विस्तृत चर्चा की । इस दौरान उन्होंने ईडी की छापेमारी और पूर्व सीएम रमन सिंह के कार्यकाल में हुए घोटालों को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर हमले किए। शौचालय घोटाले पर कहा कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य कार्यक्रम - 5 में यह जानकारी दी गयी है कि छत्तीसगढ़ में ग्रामीण क्षेत्रों में मात्र 73.5 प्रतिशत लोगों के पास शौचालय है। रमन सिंह के कार्यकाल में ही पूरे राज्य को ओ.डी.एफ. घोषित किया जा चुका था। जिसका अर्थ यह है कि राज्य के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के शत् प्रतिशत परिवारों के पास शौचालय की सुविधा हो चुकी है। एक अनुमान के अनुसार राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों की संख्या लगभग 50 लाख है। उनमें से 26.5 प्रतिशत लोगों के पास शौचालय नहीं है। (हृ॥स्नस्-5 के अनुसार) 50 लाख का 26.5 प्रतिशत का अर्थ है कि लगभग 13 लाख परिवारों के पास शौचालय नहीं है। एक शौचालय की लागत 12,500 है। इसका अर्थ यह है कि लगभग 1500 करोड़ के शौचालय सिर्फ कागजों पर बने हैं और पूरी राशि को भाजपाइयों ने बन्दरबांट कर ली है क्योंकि एनएचएफएस-5 भारत सरकार द्वारा ही कराया जाता है अत: घोटाला स्वप्रमाणित है, इसकी ई.डी. जांच होना चाहिये।
बघेल ने कहा कि नान घोटाले में सी.एम. सर और सी.एम. मैडम को समय-समय पर बड़ी राशि रिश्वत की राशि में से प्राप्त होने के अनेक दस्तावेज उपलब्ध हैं। वे दस्तावेज भी रमन सिंह के कार्यकाल में हुई जांच में बरामद हुए हैं। रमन सिंह एवं उसके परिवार की संपत्तियां 2008 से 2018 के बीच 18 गुना बढऩे की जानकारी स्वयं रमन सिंह एवं अभिषेक सिंह ने दी है। ई.डी. को फिर से प्रकरण की जांच के लिए ज्ञापन सौंपा जाना चाहिये।
रमन सरकार के कार्यकाल में रमन सिंह, उनके मंत्रियों एवं भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के संरक्षण एवं उनकी भागीदारी में राज्य के लाखों गरीब परिवारों की जिंदगी भर की खून-पसीने की कमाई को सैकड़ों करोड़ की राशि चिटफंड कंपनियों ने लूटी थी। रमन सिंह के संरक्षण के कारण ही चिटफंड कंपनियां राज्य वासियों को लूट कर आसानी से राज्य से फरार हो गयीं। इसकी जांच ई.डी. क्यों नहीं कर रही। रमन सरकार के कार्यकाल में रतनजोत प्लान्टेशन के नाम पर सैकड़ों करोड़ खर्च किये गये थे तथा नारा दिया गया था कि अब डीजल गाड़ी से नहीं बल्कि बाड़ी से मिलेगा। उन पेड़ों से नाम मात्र का ही डीजल प्राप्त हुआ था। रतनजोत का कोई वृक्ष जीवित नहीं है। बड़ा घोटाला हुआ है। किसी प्रमाण की आवश्यकता नहीं है। एनएचएफएस-5 के अनुसार छत्तीसगढ़ के मात्र 19.5 प्रतिशत परिवारों के पास उन्नत कुकिंग गैस सुविधा है। जिसमें बायोगैस के चूल्हे भी शामिल हैं। 19.5 प्रतिशत परिवारों में से अनेक परिवार ऐसे हैं जिनके पास निजी कनेक्शन है तथा उज्जवला के हितग्राही नहीं है। उज्जवला हितग्राही भी सिलेंडर महंगा होने के कारण रिफिल नहीं करा पा रहे। योजना पूरी तरह से असफल है। सिर्फ पैसे की बर्बादी हुई है।
ईडी ऑफिस का घेराव कल
दूसरी ओर कांग्रेस कल पुजारी पार्क स्थित ई.डी. कार्यालय, रायपुर के सामने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन करेगी। कांग्रेस मांग करेगी की ई.डी. सभी प्रकरणों में जांच करें अथवा ई.डी. तथा भाजपाई यह स्वीकार कर लें की ई.डी. सिर्फ राजनीतिक आधार पर कांग्रेसियों के विरुद्ध तथा सरकार को बदनाम करने के उद्देश्य मात्र से ही कार्य कर रही है।
चंदेल बोले- कांग्रेस विचलित क्यों हो जाती है
इस पर नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि कांग्रेसी सरकार की तरह नहीं विपक्ष का काम कर रहे हैं। उन्होने पूछा कि ईडी के छापों से विचलित क्यों हो जाती है कांग्रेस? चंदेल ने कहा कि ईडी किसी के इशारे पर काम नहीं करती। और ईडी की छापेमारी पूरे देश में चल रही है।


