रायपुर
सरकार ने एजी से मार्गदर्शन मांगा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 27 अगस्त। लोक शिक्षण संचालनालय सहायक शिक्षक के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए साक्षात्कार ले रहा है। इसमें डीएड बीएड डिग्रीधारी को शामिल न कर योग्यता की अपेक्षा की जा रही है तथा उच्च न्यायालय के प्रकरण का हवाला देकर मौलिक अधिकार से वंचित किया जा रहा है। आम आदमी पार्टी ने इसकी निंदा की है।
आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व कर्मचारी नेता विजय कुमार झा ने बताया है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से साक्षात्कार से वंचित बेरोजगारों का फोन आ रहा है, कि लोक शिक्षण संचालनालय ने सहायक शिक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती हेतु साक्षात्कार में डीएड बीएड को अपात्र मानकर उन्हें शामिल नहीं कर रही है। वास्तव में डीएड बीएड जैसे उच्च डिग्रीधारी उच्च पद अर्थात व्याख्याता एवं यूडीटी पद के लिए योग्यता व पात्रता रखते हैं। इससे स्पष्ट है कि उच्च पद के लिए बीएड डीएड डिग्री धारी पात्र हैं। सहायक शिक्षक का पद इससे निचले स्तर का पद है। तो उसमें डीएड बीएड धारी यदि शिक्षा विभाग में सेवा करने के लिए तत्पर हैं, तो उन्हें मान्य कर भर्ती किए जाने से शिक्षा विभाग व छात्रों का ज्यादा हित होगा। वे अनुभवी उच्च डिग्रीधारी लोग शिक्षा दान करेंगे। जहां तक उच्च न्यायालय के आदेश का बंधन है, उसे पर साक्षात्कार में शामिल कर शिक्षा विभाग साक्षात्कार में उन्हें शामिल करते हुए यह लेख कर सकती है कि उच्च न्यायालय के प्रकरण में पारित आदेश इन डीएड बीएड धारी नवनियुक्त शिक्षकों के लिए बंधनकारी होगा तथा उनसे एक बंधपत्र भी लिया जा सकता है। लेकिन कुल मिलाकर उच्च शिक्षा का उपेक्षा कर छत्तीसगढ़ सरकार सबको बेरोजगार रखते हुए बेरोजगारी भत्ता देने पर ही खुश है।
युवाओं को रोजगार देने का वादा पूरा करने के लिये स्कूल शिक्षा विभाग ने कुल 12489 पद वितिापित किये थे. व्याख्याता के 432 पदों पर भर्ती लगभग पूरी हो चुकी है. शिक्षक के 5772 पदों पर काउंसिलिंग एवं दस्तावेज सत्यापन का कार्य लगातार चल रहा है और लगभग 10 दिन में पूरा हो जायेगा. इन पदों पर बी.एड. योग्यता वाले अभ्यर्थी पात्र है तथा उनकी भर्ती लगातार की जा रही है. सहायक शिक्षक के 6285 पदों पर नियुक्ति के लिये काउंसिलिंग प्रारंभ जा चुकी है. छत्तीगसद शासन व्दारा जारी विज्ञापन में सहायक शिक्षक के पदों पर भी बी.एड. को पात्र माना गया था, और उन्हें व्यापाम की परीक्षा में बैठने का अवसर भी दिया गया, परन्तु इसी बीच अचानक 11 अगस्त को राजस्थान से संबंधित सिविल अपील में सर्वोच्च न्यायालय ने बी.एड. को सहायक शिक्षक पद पर नियुक्ति के लिये अपात्र घोषित कर दिया. इसके तत्काल बाद उच्च न्यायालय बिलासपुर ने 21 अगस्त को सहायक शिक्षक पद हेतु बी.एड. योग्यता वाले अभ्यर्थियों के लिए काउंसलिंग की कार्यवाही स्थगित रखने का आदेश दिया, परन्तु डी.एड. एवं डी.एल.एड. की काउंसलिंग पर कोई रोक नही लगाई. न्यायालय के इस आदेश में पालन में डी.एड. एवं डी.एल.एड. योग्यता वाले अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग जारी रखी गयी है, जिससे राज्य के युवाओं को शीघ्रता से रोजागार दिया जा सके. बी.एड. योग्यता वाले अभ्यर्थियों के लिए उपलब्ध विधिक उपचारों के बारे में महाधिवक्ता से मार्गदर्शन मांगा गया है।


