रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 24 अगस्त। सीएम बघेल के राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा ने कल अपने यहां हुई ईडी की छापेमारी को लेकर आज पत्रकार वार्ता की। उन्होंने कार्रवाई के बाद शाम को जारी प्रेस नोट में दी गई जानकारी के हवाले से ईडी के चुनौती दी। कहा कि कल सीज 65 करोड़ में से एक अठन्नी भी मेरे यहां महादेव आनलाइन सट्टे की रकम से मिली हो तो खुशी होगी लेकिन मेरे खिलाफ कोई सबूत लाएं।मेरे परिवार के सभी छह सदस्य अर्निंग मेंबर हैं। सारी जब्तियों के मैने सबूत बिल के रूप में प्रस्तुत किए है।
वर्मा ने कहा कि ईडी के अफसरों ने कम से कम पांच बार मुझसे, परिजनों से कहते रहे कि आप लोगों को पता है ये सब क्यों हो रहा है! विनोद ने कहा कि दिसंबर -17 की तरह भाजपा का राष्ट्रीय और राज्य नेतृत्व केंद्रीय जांच एजेंसियों के भरोसे लडऩा चाहता है। मैं हमेशा से उन चीजों से दूर रहा जिसमें दलदल है। मैं वो कोई काम नहीं किया न करूंगा जिसमें सीएम बघेल, सरकार और कांग्रेस पर दाग लगे। वर्मा ने कहा कि पिछले चुनाव से पहले भी मुझे सीडी कांड में गिरफ्तार किया गया था।62 दिन जेल में रखा । सीबीआई ने भी भरपूर कोशिश की कि मैं नाम लेलूं। जबकि सीडी पूर्व सीएम रमन सिंह ने बनवाई और उसे देखने उनके ओएसडी दिल्ली गए थे। सीबीआई की जांच में साबित नहीं हुआ और ब्लैकमेलिंग की धारा हट गई। मेरे पास भी वही सीडी थी जे सभी पत्रकारों के पास थी। मैं भाजपा के निशाने पर हूं। क्योंकि मैं कांग्रेस से जुड़ा हूं।
वर्मा ने कहा कि इस बार भी मनी लॉन्ड्रिंग का मामला बनाया गया है। उनके (ईडी के) पास सबूत है तो जाहिर करे। वो यह नहीं कर रहे। एक प्रश्न पर उन्होंने कहा कि मोदी और शाह जानते हैं कि छत्तीसगढ़ में हार रहे हैं इसलिए सारा ध्यान यहां केंद्रित कर रखा है। उनके सभी तंत्र हमारे खिलाफ हैं और हम अपनी शिकायत, बातों को लेकर जनता के बीच जाएंगे। क्योंकि जनता समझ रही है। दिसंबर-17 में भी समझी और आज भी। हमारा रास्ता चुनाव और मतदान ही है ?
एक पाक्षिक पत्रिका में अक्टूबर-22 में प्रकाशित खबर को आधार बनाकर कार्रवाई की जा रही है। मैने दिसंबर-22 में उसके खिलाफ याचिका लगाई है। एक अन्य प्रश्न पर विनोद वर्मा ने कहा कि महादेव सट्टा रमन, भूपेश की सरकार के समय शुरू नहीं हुआ वो पहले से चल रहा था। कार्रवाई अब हो रही है।अब तक 95-98 लोग गिरफ्तार किए गए और नगद भी जबत किया गया । सट्टे के नाम पर मुझे प्रताडि़त किया गया। ईडी से ईडी की तरह निपटूंगा। वर्मा ने ईडी के वकील के बयान में च्ंद्रभूषण( सीबी) वर्मा के साथ मेरे संबंध होना बताया गया है, ईडी को बताना चाहिए कि उनके वकील को मेरी भूमिका की इतनी एक्सेस कैसे हुई?सी बी और विनोद वर्मा के संपर्क के क्या सबूत हैं बताए न कि आरोप लगाएं। चंद्रभूषण से मेरी कोई रिश्तेदारी नहीं है। चर्चा के दौरान कांग्रेस की मीडिया प्रभारी राधिका खेरा, संचार विभाग के अध्यक्ष. सुशील आनंद शुक्ला, प्रवक्ता आरपी सिंह, महामंत्री प्रशासन रविघोष, सोशल मीडिया प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संयोजक आयुष पांडे भी मौजूद रहे। आरपी सिंह भी ईडी की जांच के दायरे
में हैं।


