रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 21 अगस्त। जरा सी नजरअंदाजी या कम समय में बड़ी इंकम के आकर्षण में लाखों रूपए गवाने पड़ रहे हैं। नतीजतन राजधानी समेत प्रदेश में साइबर ठगी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है। कल ऐसे ही मामले में रायपुर के अवंति विहार इलाक़े में एक डॉक्टर 10 रूपए पाकर एक लाख गवां बैठे।
इन डॉक्टर को सीआरपीएफ़ जवानों का ब्लड टेस्ट कराने का झाँसा देकर अपना शिकार बनाया। डॉक्टर जाफऱ मेमन का संतोषी नगर इलाक़े में मेमन पैथ लैब के नाम से पैथॉलाजी सेंटर है ।और अवंति विहार इलाक़े में रहते है।रविवार देर शाम उनके मोबाइल नंबर पर अपने आप को सीआरपीएफ़ का अधिकारी बता एक अग्यात ने कॉल किया। उसने कऱीब 100 जवानों का ब्लड टेस्ट कराने का झाँसा देकर टेस्ट का रेट पूछा और टेस्ट की आधी रक़म तत्काल ही खाते में डालने की बात कही।
एडवांस पेमेंट के लिए शातिर ठग ने पीडि़त डॉक्टर के बैंक खाते खाते की सभी जानकारियाँ ली और खाते में पेमेंट टेस्ट के लिए 10 रुपए डालते हुए ही उनके खाते से कऱीब 1 लाख रुपए उड़ा दिए। इस बात का खुलासा पीडि़त डॉक्टर को तब हुआ जब उनके पास खाते से एक लाख रुपए विथड्राल का मैसेज आया।फि़लहाल डॉक्टर मेमन ने तेलीबांधा थाना पहुँचकर लिखित शिकायत दर्ज करायी है।
दैनिक ‘छत्तीसगढ़’ की अपील
दैनिक छत्तीसगढ़ राजधानी और प्रदेशवासियों से अपील करता है कि अनचाहे फोन कॉल्स को इंटरटेन न करें और अपनी बैंक की पर्सनल जानकारी किसी के साथ शेयर न करे,क्योकि सावधानी में ही
सुरक्षा है।
साइबर ठगों ने 14 माह पहले भी छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्य सचिव अजय सिंह कीपुत्री डाक्टर अदिति सिंह से जून-22 में दो लाख 94 हजार रुपये की ठगी हुई थी। ठग ने स्वयं को सीआइएसएफ का जवान बताते हुए 15 जवानों का स्कीन टेस्ट करवाने के नाम पर उन्हें झांसे में लेकर ठगी की।


