रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 12 अगस्त। मैसर्स ज्योति ट्रेडिंग एंड कंपनी, मेसर्स क्लिफो ट्रेडिंग कंपनी मेसर्स एस. एस. इंडस्ट्रीज और मैसर्स साई एंटरप्राइजेज, जो बिना किसी वस्तुओं के उत्पादन या सेवाओं की आपूर्ति के नकली आईटीसी का उपयोग करके जीएसटी की बड़े पैमाने पर चोरी में लिप्त थे। इनके विरुद्ध फेक आई टी सी तथा अभियोजन सेल, सीजीएसटी रायपुर ,बिलासपुर के अधिकारियों के साथ उक्त फर्मों में कार्रवाई की।
कमिश्नर मो.अबू समा ने बताया कि जांच में पता चला संजय शेंडे, जो उपरोक्त सभी चार फर्मों को नियंत्रित कर रहे है, फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठा रहा था। उन्होंने अस्तित्वहीन फर्मों के माध्यम से 10.14 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट पास किया और उसका उपयोग किया।
नई दिल्ली स्थित 22 अस्तित्वहीन तथा अकार्यशील फर्मों ने बिना किसी अंतनिहित सामान और सेवाओं की आपूर्ति के नकली बिल तैयार किए है और मैसर्स ज्योति ट्रेडिंग कंपनी, मेसर्स क्लिफो ट्रेडिंग कंपनी, मेसर्स एस एस एंटरप्राइजेज और मेसर्स साई इंडस्ट्रीज को जारी किए। शेंडे अभियुक्त ने उपरोक्त आधार ने बाहरी जीएसटी दायित्व के भुगतान के लिए नकली इनपुट टैक्स क्रेडिट (किसी भी अंतर्निहित वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति के बिना) का लाभ उठाया और उपयोग किया। संजय शेंड को सीजीएसटी अधिनियम 2017 की धारा 69(1) के प्रावधान के तहत केंद्रीय जीएसटी टीम ने गुरूवार को गिरफ्तार कर 14 दिनों की हिरासत मंजूर कर ली है।


