रायपुर
रायपुर, 10 मई। निगम में नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे ने आरोप लगाया कि शहर में लगे यूनीपोल मामले में पत्रकार वार्ता लेकर महापौर ने 27 करोड़ रू के घोटाले का आरोप संबंधित एंजेंसी पर लगाया है। उपरोक्त गड़बड़ी पर लंबे समय तक महापौर की चुप्पी उन्हें संदेह के दायरे में ला रही है। महापौर स्वयं मान रहें हैं कि निगम के अधिकारी भ्रष्ट है और वे पूरे प्रमाण के साथ आरोप लगा रहे होंगे। तो वे इस विषय में जांच समिति की नौटंकी छोडक़र सीधे तथ्यों के साथ संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर क्यों नही करवा रहें हैं। उन्होंने कहा महापौर स्वयं घोटाला किंग है। डिवाइडर घोटाला/बुढ़ातालाब फौव्हारा घोटाला/राऊतपूरा फेस टू घोटाला में महापौर मौन है। महापौर संदेह के दायरे में इसलिए भी आ रहे है कि स्मार्ट टायलेट और ए.सी.बस स्टाप बनाने के एवज में विज्ञापन एजेंसियों को यूनिपोल की अनुमति निर्धारित शुल्क के साथ दी गयी थी। दोनो ही विषयों में आयुक्त ने अपने विशेषाधिकार का उपयोग किया है ।


