रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 8 दिसंबर। मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व उपाध्यक्ष तथा वरिष्ठ अधिवक्ता इकबाल अहमद रिजवी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष सलीम अशरफी तथा पूर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी पशु चिकित्सक साजिद अहमद फारूकी के विरूद्ध आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो में रिजवी द्वारा पेश रिपोर्ट 20 फरवरी 2020 को दबाए रखने के लिए विभागीय वांछित सहमति पत्र को लगभग डेढ़ वर्षों तक एन-केन-प्रकारेण रोका गया था, परन्तु अन्तत: अधिवक्ता मनोज कुमार दुबे द्वारा प्रस्तुत रिट याचिका के अंतर्गत हाईकोर्ट के समक्ष सचिव डीडी सिंह को विलम्ब के लिए शपथ प्रस्तुत करने निर्देश माननीय हाईकोर्ट द्वारा जारी किया गया था।
उक्त निर्देश के फलस्वरूप डीडी सिंह को दोनों आरोपियों के विरूद्ध जांच प्रारंभ करने वांछित पत्र सहमति पत्र जारी करने की सूचना देने बाध्य होना पड़ा।
विभागीय सचिव की लेटलतीफी के कारण अन्तत: सहमति पत्र मिलने के पश्चात ईओडब्ल्यू ने करोड़ों के वक्फ बोर्ड के घपले की जांच अब जाकर शुरू हो गई है।


