रायगढ़
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायगढ़, 3 जून। जिले से हाथियों के दल की चहलकदमी का एक बेहद ही हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है। खरसिया जंगल की ओर से छाल रेंज में प्रवेश करने के दौरान हाथियों का यह विशाल दल मुख्य सडक़ को पार करता नजर आया। जैसे ही वन अमले को इसकी भनक लगी, उन्होंने मुस्तैदी दिखाते हुए सडक़ के दोनों ओर से आने-जाने वाले वाहनों को तुरंत रोक दिया, ताकि हाथियों को सुरक्षित रास्ता मिल सके। यह पूरा मामला छाल वन परिक्षेत्र का है।
दरअसल, यह वही 51 हाथियों का दल है, जिसके एक मासूम शावक का शव सोमवार की सुबह खरसिया रेंज के मांड नदी में डूबा हुआ मिला था। इस हादसे के बाद शाम होते ही हाथियों का यह दल आगे बढ़ा और खरसिया के जंगल से निकलकर छाल के जंगल की ओर कूच करने लगा। इसी दौरान बरभौना और एडू के बीच हाथियों का यह झुंड अचानक मुख्य सडक़ पर आ गया। इस दल में नर और मादा हाथियों के साथ नन्हे शावक भी शामिल थे।
जंगल के बीच सडक़ पर हाथियों के आने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण इस नजारे को देखने के लिए वहां जुट गए। स्थिति को भांपते हुए वनकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और दोनों तरफ का ट्रैफिक जाम कर दिया। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल कैमरों में इस दृश्य को कैद कर लिया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे एक बड़ा हाथी सबसे पहले सुरक्षा का जायजा लेने सडक़ पर आता है और उसके पीछे-पीछे पूरा कुनबा लाइन लगाकर सडक़ पार कर सुरक्षित जंगल में चला जाता है।
वन विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस समय अकेले छाल वन परिक्षेत्र में कुल 76 हाथी मौजूद हैं। इनमें सबसे बड़ा कुनबा एडू परिसर में है, जिसमें 51 हाथी शामिल हैं। इस बड़े दल में 12 नर, 33 मादा और 6 शावक हैं। इसके अलावा हाटी, कुड़ेकेला, छाल, बनहर, औरानारा, बोजिया, बेहरामार, गलिमार और पुरूंगा के जंगलों में भी हाथियों की लगातार मौजूदगी बनी हुई है। पूरे छाल परिक्षेत्र की बात करें तो यहां कुल 22 नर, 44 मादा और 10 शावक विचरण कर रहे हैं।
मामले की जानकारी देते हुए छाल रेंजर राजेश चौहान ने बताया कि सोमवार की शाम को हाथियों का दल खरसिया की ओर से छाल रेंज में दाखिल हुआ है। सुरक्षा के मद्देनजर सडक़ पार करते समय दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही रोक दी गई थी, जिससे दल ने बिना किसी व्यवधान के रास्ता पार कर लिया। उन्होंने आगे बताया कि वन विभाग की टीम पूरे रेंज में हाथियों की चौबीसों घंटे मॉनिटरिंग कर रही है और प्रभावित ग्रामीण इलाकों में लगातार अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।


