रायगढ़

तीन माह से गहरीकरण की बाट जोह रहा लाखा का बडख़ा तालाब
01-Jun-2026 8:57 PM
तीन माह से गहरीकरण की बाट जोह रहा लाखा का बडख़ा तालाब

तालाब खाली कराया फिर सौंदर्यीकरण भूल गए

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायगढ़, 1 जून। एक तरफ सरकार जल संरक्षण, भूजल संवर्धन और मनरेगा के जरिए ग्रामीणों को रोजगार देने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं रायगढ़ जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत लाखा के आश्रित ग्राम चिराईपानी से प्रशासनिक लापरवाही और संवेदनहीनता की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

गाँव का प्रमुख जलस्रोत माने जाने वाले बड़े तालाब को सौंदर्याकरण और गहरीकरण के नाम पर लगभग तीन महीने पहले पूरी तरह खाली करा दिया गया, लेकिन उसके बाद से आज तक न खुदाई शुरु हुई, न मजदूर पहुँचे और न मशीनें। नतीजा यह हुआ कि भीषण गर्मी में पूरा गाँव बूंद-बूंद पानी के संकट से जूझ रहा है। नियमों के अनुसार पानी खाली होने के तुरंत बाद खुदाई और निर्माण कार्य शुरु होना चाहिए था, लेकिन तीन महीने बीतने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि बिना किसी ठोस कार्ययोजना, ले-आउट और समयबद्ध तैयारी के ही तालाब खाली करा दिया गया, जिससे पूरे गाँव की जल व्यवस्था चरमरा गई। निस्तारी और मवेशियों के पानी का संकट गहराया चिराईपानी का यह बड़ा तालाब ग्रामीणों और मवेशियों के लिए गर्मियों में सबसे बड़ा सहारा माना जाता था। तालाब सूखने के बाद अब ग्रामीणों को निस्तारी के लिए दूर-दूर भटकना पड़ रहा है, जबकि मवेशियों के लिए पानी की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार तालाब सूखने के बाद गाँव के कई हैंडपंप और कुएँ भी प्रभावित होने लगे हैं। क्षेत्र का यह तालाब आसपास के भूजल स्तर को रीचार्ज करने का प्रमुख स्रोत था। लगातार तीन महीने तक तली सूखी रहने से जलस्तर नीचे चला गया है और अब पीने के पानी का संकट भी गहराने लगा है।

यह तालाब मनरेगा के तहत स्वीकृत था, तो गर्मियों के इस समय ग्रामीण मजदूरों को गाँव में ही रोजगार मिलना चाहिए था। लेकिन कार्य बंद पड़े रहने से ग्रामीणों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है। इस स्थिति ने शासन के रोजगार और जल संरक्षण संबंधी दावों की जमीनी हकीकत उजागर कर दी है। तकनीकी नियमों की अनदेखी के आरोप तकनीकी गाइडलाइन के अनुसार किसी भी जल संरचना को खाली करने से पहले फंड, तकनीकी स्वीकृति, ले-आउट और कार्य योजना पूरी तरह तैयार होना जरूरी माना जाता है।


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