रायगढ़
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायगढ़, 20 जनवरी। जिले के कई धान खरीदी केन्द्रों में टोकन नहीं काटे जाने की समस्या सामने आई है। जिसे लेकर प्रभावित किसान 19 जनवरी को कलेक्टोरेट पहुंचे। इस दौरान खरसिया विधायक उमेश पटेल और कई कांग्रेस नेता भी मौजूद रहे।
प्रभावितों और कांग्रेसियों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर धान बेचने के लिए टोकन जारी करवाने की मांग की है। प्रभावितों ने बताया कि कई किसानों का धान अभी खलियानों में पड़ा हुआ है। जिससे धान खराब होने का डर है।
कलेक्टर के नाम सौंपे ज्ञापन में बताया गया है कि धान खरीदी केन्द्रों में किसानों का धान बेचने में समस्या आ रही है। जिसमें किसानों को पटवारी, तहसीलदार व सोसायटी के चक्कर लगाना पड़ रहा है। इससे किसान काफी परेशान हो रहे हैं। उन्हें धान नहीं बेच पाने की वजह से धान सही सलामत रखने में भी जगहों की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रभावितों ने बताया कि कई किसानों का धान अभी खलियानों में पड़ा हुआ है। धान बेचने के लिये सत्यापन फॉर्म को जमा करने के बाद भी किसानों को धान बेचने के लिए टोकन जारी नहीं किया जा रहा है। ऐसे में कलेक्टर के नाम आवेदन सौंपकर कांग्रेस नेताओं व किसानों ने धान खरीदी केन्द्रों में धान बेचने के लिए टोकन जारी करवाने की मांग की है।
खरसिया विधायक उमेश पटेल का कहना है कि किसानों के धान की खरीदी अब 9 दिन मुश्किल से बचा है। केंद्रों में प्रबंधकों का कहना है कि टोकन नहीं काटना है खरीदी नहीं करना है।
इससे खोखरा, ननसिया, नंदेली समेत अन्य गांव के किसान धान बेचने से बचे हुए हैं। जिनका टोकन नहीं कटा है। उन्होंने कहा नोडल अधिकारी से इस समस्या को लेकर चर्चा हुई है। शाम तक समस्याओं को दूर करने का आश्वासन दिया गया है। अगर समस्या दूर नहीं हुई, तो ट्रैक्टर के साथ किसान कलेक्टोरेट पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में यही स्थिति है। रायगढ़ में ज्यादा खतरनाक स्थिति है। रायगढ़ जिले को सबसे कम धान खरीदी के लिए मॉडल बनाना चाह रहे हैं।


