रायगढ़

सनातन परंपरा, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना का सशक्त संगम शिव पुराण व्यास-साय
17-Jan-2026 6:48 PM
सनातन परंपरा, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना का सशक्त संगम शिव पुराण व्यास-साय

प्रधानमंत्री की माता की स्मृति में आयोजित शिव महापुराण कथा में शामिल हुए मुख्यमंत्री

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायगढ़, 17 जनवरी। रायगढ़ जिले के खरसिया विकासखंड अंतर्गत सुदूर आदिवासी अंचल बरगढ़ खोला के ग्राम-खम्हार में आयोजित शिव महापुराण कथा में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए।

यह धार्मिक आयोजन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की माता हीराबेन मोदी की पुण्य स्मृति में श्रद्धांजलि स्वरूप आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय के साथ कार्यक्रम में वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी, लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, जांजगीर सांसद कमलेश जांगड़े, महापौर जीवर्धन चौहान सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री सहित सभी अतिथियों ने विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान शिव से प्रदेश की सुख, शांति, समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन परंपरा और आध्यात्मिक आयोजनों से समाज में नैतिकता, संस्कार और सामाजिक समरसता को बल मिलता है। उन्होंने कहा कि सुदूर वनांचल क्षेत्र में इस प्रकार का विशाल धार्मिक आयोजन होना पूरे क्षेत्र के लिए पुण्य का अवसर है।

मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बाल कथा व्यास श्री कृष्णा दुबे महाराज से आशीर्वाद लिया और कहा कि इतनी कम उम्र में शिव महापुराण जैसे महान ग्रंथ का संगीतमय कथा वाचन करना प्रभु की विशेष कृपा से संभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि अनेक शासकीय कार्यक्रमों के बावजूद उनका मन यही कह रहा था कि इस दिव्य आयोजन में अवश्य शामिल होना चाहिए, भले ही कुछ समय के लिए ही क्यों न हो।

उन्होंने आयोजन समिति एवं आयोजन के संकल्पकर्ता मनु राठिया को साधुवाद देते हुए कहा कि एक मध्यम वर्गीय परिवार द्वारा वनांचल क्षेत्र में इतना भव्य धार्मिक आयोजन कर पूरे अंचल को भक्तिमय बना देना असाधारण साहस और बड़े हृदय का परिचायक है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लोगों को पुण्य का भागी बनने का अवसर प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह वही भूमि है जहां प्रभु श्रीराम ने अपने वनवास काल का अधिकांश समय व्यतीत किया। माता शबरी के जूठे बेरों की महिमा आज भी जीवंत है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर छत्तीसगढ़ के सुगंधित चावल से बना प्रसाद अर्पित किया गया, जो राज्य के लिए गर्व का विषय है।

श्री साय ने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक दो वर्षों में 40 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या दर्शन कर चुके हैं। वहीं मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत 19 चिन्हित तीर्थ स्थलों की यात्रा कराते हुए अब तक 5 हजार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को लाभान्वित किया गया है।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिव महापुराण कथा जैसे आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक एकता के सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने आयोजन समिति और कथा व्यास को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी।

शिव महापुराण कथा का शुभारंभ प्रतिदिन प्रात: 9 बजे होता है। कथा वाचन अकोला (महाराष्ट्र) से पधारे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बाल कथा व्यास कृष्णा दुबे महाराज द्वारा संगीतमय शैली में किया जा रहा है, जिसमें भगवान शिव, माता पार्वती सहित संपूर्ण शिव चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया जा रहा है। समापन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं।

आयोजन को सफल बनाने में महेश साहू एवं उनकी टीम का सक्रिय सहयोग रहा।


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