रायगढ़

श्रीमद् भागवत कथा, श्रीकृष्ण रास लीला से रसमय हुआ पंडाल
17-Jan-2026 6:45 PM
श्रीमद् भागवत कथा, श्रीकृष्ण रास लीला से रसमय हुआ पंडाल

रायगढ़, 17 जनवरी। श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव के सातवें दिन श्रीकृष्ण रास लीला का वर्णन करते हुए कथा व्यास पंडित रामकृष्ण दास शास्त्री ने कहा कि श्री कृष्ण जी गोपियों से कहते हैं कि पत्नी का यह धर्म है, पति कैसा भी हो, रोगी हो, वृद्ध हो, कर्जदार हो उसे पति का हमेशा साथ देना चाहिए। पति का साथ नहीं छोडऩा चाहिए। आप सब चले जाओ। आप सब मुझे प्रेम करते हो। 

कन्हैया के निष्ठुर वचन सुनकर गोपियों के आंशु टपकने लगे। ओंठ चबा लिया। रोती हुई गोपियां कहती हैं कि हे श्याम सुंदर तुम कितने निष्ठुर हो, बांसुरी की मीठी तान छेड़ कर हमें बुलाते हो और फिर जाने को कहते हो। हम आपको पाने के लिए आए है,आप स्वीकर करें या न करें, हमने स्वीकार कर लिया है। हम अपने मन को तुम्हें समर्पित कर दिया है। अगर स्वीकार नहीं करते हो तो हम प्राण त्याग देंगे। हमारे मरने पर भी हमारे मुख से एक ही शब्द निकलता रहेगा-कृष्ण ...कृष्ण.. कृष्ण...। और हां अगले जन्म में हम कृष्ण बनकर पैदा होंगे और आप गोपी बनोगे।

इसलिए हे कृष्ण हमें स्वीकार करो।

श्री कृष्ण गोपी रास लीला कथा सुनकर भक्त भाव विभोर हो गए। श्री कृष्ण जी की भक्ति से सराबोर पंडाल भक्तिमय हो गया। कथा देर रात 9 बजे तक चलेगी जिसमें  श्री कृष्ण जी का मथुरा गमन गोपी उद्धव संवाद और रुक्मिणी विवाह का सुंदर प्रसंग से पूर्वांचल भक्ति बयार से महकने लगा।


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