महासमुन्द
कलेक्टर ने जांच का भरोसा दिया
महासमुंद, 14 मई। जिला पंचायत महासमुंद में कार्यरत संविदा डाटा एंट्री ऑपरेटर मनोज कुमार सोनी ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) पर बिना नोटिस सेवा समाप्त करने और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। मनोज सोनी ने कलेक्टर को पत्र सौंपकर मामले में कार्रवाई की मांग की है।
मनोज सोनी के अनुसार वे पिछले 22 वर्षों से जिला पंचायत में संविदा कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं। उनका कहना है कि 7 मई की शाम सीईओ ने उन्हें अपने कक्ष में बुलाया। विवाद आधार बेस्ड उपस्थिति सॉफ्टवेयर में दर्ज नहीं होने को लेकर शुरू हुआ। कर्मचारी के मुताबिक उनका मोबाइल पुराने संस्करण का होने के कारण संबंधित सॉफ्टवेयर को सपोर्ट नहीं कर रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि दो माह से वेतन नहीं मिलने के कारण नया मोबाइल खरीदना संभव नहीं हो पाया।
मनोज सोनी ने आरोप लगाया कि इस दौरान सीईओ ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और अपशब्दों का प्रयोग किया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 3 फरवरी 2026 को उनके पक्ष में आदेश जारी करते हुए तीन माह के भीतर नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए थे। मनोज सोनी का आरोप है कि नियमितीकरण प्रक्रिया से पहले ही उन्हें मौखिक रूप से सेवा से अलग कर दिया गया।
मामले को लेकर संविदा कर्मचारियों के बीच नाराजगी बताई जा रही है। कर्मचारी संघ ने कहा है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन पर विचार किया जाएगा।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कहा कि शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच कराई जाएगी।


