महासमुन्द
सरायपाली-बसना- पिथौरा होकर प्रस्तावित रायपुर-संबलपुर रेल लाइन ठंडे बस्ते में
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 23 अप्रैल। केन्द्र सरकार ने ओडिशा में छग की सीमा से लगकर 138.32 किमी की बरगढ़-नुआपाड़ा नई रेल लाइन को मंजूरी दे दी है। बसना और सरायपाली ब्लॉक के सीमावर्ती गांवों से कुछ किमी दूर से गुजरने वाली बरगढ़-नुआपाड़ा रेल लाइन परियोजना 2621.92 करोड़ रुपए की लागत से बनेगी और पदमपुर क्षेत्र से होकर गुजरेगी। इससे महासमुंद जिले के लोगों को भी कनेक्टिविटी मिलेगी। लेकिन इस नई रेल लाइन की मंजूरी के साथ ही दशकों से रेल सुविधाओं से वंचित सरायपाली, बसना, पिथौरा, सांकरा, तुमगांव क्षेत्रवासियों के घाव हरे हो गए हैं। दरअसल इन क्षेत्रों से होकर जाने वाली प्रस्तावित रायपुर-संबलपुर रेल लाइन की राह लोग दशकों से देख रहे हैं।
अत: अंचल में एक बार फिर इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है किर बरगढ़-नुआपाड़ा नई रेल लाइन पदमपुर क्षेत्र से होकर गुजरेगी। यह परियोजना 2621.92 करोड़ रुपए की लागत से स्वीकृत हुई है और भूमि अधिग्रहण व निविदा प्रक्रिया समानांतर रूप से जारी है। ओडि़शा सरकार द्वारा मुफ्त भूमि उपलब्ध कराने के साथ ही 300 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता भी दी जा रही है। बरगढ़ जिले के 79 गांवों में अधिसूचनाएं जारी हो चुकी हैं। जबकि नुआपाड़ा जिले में भी सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर निर्माण की दिशा में तेजी लाई जा रही है। चर्चा है कि नई रेल लाइन बनने से बरगढ़ और नुआपाड़ा के बीच दूरी में उल्लेखनीय कमी आएगी।
धान उत्पादन के लिए प्रसिद्ध इस क्षेत्र के किसानों को अपनी उपज के परिवहन में बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही कोयला और सीमेंट उद्योगों को भी सीधा लाभ होगा। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नरसिंहनाथ मंदिर तक पहुंच आसान होने से पर्यटन गतिविधियों में भी बढ़ोतरी होगी। निर्माण कार्य मई माह से शुरू होने की उम्मीद है।
इस तरह एक ओर जहां पड़ोसी राज्य ओडि़शा के दूरस्थ क्षेत्रों तक रेल नेटवर्क का विस्तार हो रहा है। वहीं छग का सरायपाली, बसना, सांकरा और पिथौरा क्षेत्र आजादी के सात दशक बाद भी रेल सुविधा से वंचित है। विडंबना यह है कि पिछले 40 वर्षों से इस क्षेत्र के लोग रेल लाइन की मांग कर रहे हैं। पता नहीं कब यह मांग पूरी होगी और फुलझर अंचल में रेल सुविधाओं से गुलजार होगा?
मालूम हो कि इस रेल लाइन की मांग को लेकर स्थानीय स्तर पर संघर्ष समिति का गठन किया गया था। संघर्ष समिति के माध्यम से लगातार अब भी प्रयास किए जा रहे हैं। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने राज्य और केन्द्र सरकार के मंत्रियों से कई कई बार मुलाकात कर मांग रखी। लेकिन मामला अब तक लंबित ही है। सांसद रूपकुमारी चौधरी के इस दिशा में लगातार प्रयास जारी है।
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जब पड़ोसी राज्य ओडि़शा के गांवों तक रेल पहुंच सकती है तो सरायपाली-बसना-सांकरा-पिथौरा जैसे महत्वपूर्ण अंचल तक पहुंचने में इतना विलंब क्यों? राज्य और केन्द्र दोनों जगह एक ही दल की सरकार होने के बावजूद इस मांग का लंबित रहना जनभावनाओं को आहत कर रहा है।


