महासमुन्द
उसी कक्ष में परीक्षा देने वाली छात्रा ने किया वीडियो साक्ष्य होने का दावा
कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत के बाद मामला सामने आया
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 22 अप्रैल। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय भंवरपुर बसना परीक्षा केंद्र में 12वीं बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल कराये जाने की कलेक्टर जनदर्शन में मिली शिकायत पर डीईओ ने जांच का आदेश दिया है। साथ ही जाच टीम में शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला बड़े साजापाली के प्राचार्य उग्रसेन पटेल और शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला दुर्गापाली के प्राचार्य निमंकर पटेल को शामिल कर 5 दिन के भीतर अभिमत सहित प्रतिवेदन प्रस्तुत करने कहा है। जाच का आदेश 17 अप्रैल को दिया गया है। 18, 19 को अवकाश था। इस तरह जांच की अवधि 24 अप्रैल को खत्म होगी।
मामला तब सामने आया, जब भंवरपुर परीक्षा केंद्र से परीक्षा दे रही छात्रा ने कलेक्टर जनदर्शन में 7 अप्रैल को शिकायत करते हुए वहां नकल का संगठित नेटवर्क संचालित होने का आरोप लगाया था।
छात्रा ने यह भी दावा किया है कि संबंधित घटनाओं के वीडियो भौतिक, रसायन, गणित की परीक्षा के दौरान बनाया है जो उनके पास साक्ष्य के रूप में मौजूद है और ये वीडियो जांच में सहयोग करेंगे। सारे साक्ष्य उसकी पेन ड्राइव में सुरक्षित है।
छात्रा का आरोप है कि पूरे विषयों में परीक्षा के दौरान मोबाइल प्रतिबंधित होने के बावजूद परीक्षा कक्ष में मोबाइल और चीट के माध्यम से नकल कराया है। एक शिक्षक ने तो परीक्षा के दौरान परीक्षा शुरू होते ही अपना मोबाइल एक छात्र को दिया और लगभग 11.47 बजे वापस लिया। 23 फरवरी को भी रसायन शास्त्र की परीक्षा के दौरान नकल का सिलसिला जारी रहा।
छात्रा के अनुसार शिक्षकों द्वारा चीट और मोबाइल के जरिए उत्तर उपलब्ध कराए गये हैं। विरोध करने पर उसकी बात को नजर अंदाज किया गया। यहां तक कि उसके उत्तरों को अन्य विद्यार्थियों को दिखाकर नकल कराई गई।
परीक्षा के दिन परीक्षा कक्ष में अनुशासन के बारे छात्रा ने कलेक्टर को बताया कि 2 मार्च को गणित की परीक्षा केदौरान बची खुची अनुशासन भी पूरी तरह समाप्त हो गया था और खुलेआम नकल कराई जा रही थी। उसने यह भी कहा कि उसकी उत्तर पुस्तिका छीनने का प्रयास किया गया और विरोध करने पर उसे सभी विद्यार्थियों के सामने अपमानित किया गया। साथ ही उसके परिवार और निजी जीवन को लेकर टिप्पणी की गई। इससे वह गहरे मानसिक तनान में आ गई।
शिकायत में छात्रा ने यह भी उल्लेख किया है कि नकल का विरोध करने के बाद उसे डराने-धमकाने और दबाव बनाने के लिए फ ोन कॉल्स तथा अन्य माध्यमों से संपर्क किया गया। उसके घर तक यह बात फैलाई गई कि उसने शिक्षकों के साथ बदतमीजी की है। 10 मार्च को अंग्रेजी परीक्षा के दौरान घटना का भी जिक्र शिकायत में है।
छात्रा के अनुसार उसे सार्वजनिक रूप से डांटा गया और यह कहा गया कि नकल हर स्कूल में होती है, यहां तो कम हो रही है। छात्रा ने यह आशंका भी जताई कि उसे फंसाने के उद्देश्य से उसकी डेस्क पर पहले से अंग्रेजी में लिखावट की गई थी। ताकि उसके खिलाफ नकल प्रकरण बनाया जा सके। डेस्क बदलने की मांग के बाद उक्त लिखावट हटाई गई।
छात्रा ने इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कलेक्टर से की है और कहा है कि दोषी शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की जाए। नकल करवाके शिक्षक प्रतिभावान बच्चों की जिंदगी से खेल रहे हैं। मांग की है। उसने 12वीं हिंदी बोर्ड परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने के बाद पुन: परीक्षा आयोजित किए जाने का उदाहरण देते हुए मांग की है कि भंवरपुर केंद्र में हुई सभी विषयों के 12वीं बोर्ड परीक्षाएं पुन: कराई जाए।
आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि शिकायत में परीक्षा केंद्र के केंद्राध्यक्ष एवं पर्यवेक्षकों पर नकल कराने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आदेश की प्रतिलिपि लोक शिक्षण संचालनालय नवा रायपुर, संभागीय संयुक्त चालक शिक्षा रायपुर तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी बसना को भी सूचनार्थ भेजी गई है। आदेश के बाद यह मामला और अधिक तूल पकड़ चुका है। इस प्रकरण को लेकर चर्चा तेज हो गयी है। अब सभी की नजरें 24 अप्रैल को होने वाले जांच एवं अधिकारियों की रिपोर्ट पर टिकी हैं।


