महासमुन्द
पुलिस के संवाद व्हाट्सएप मोबाइल नंबर से मिली मदद
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद,19 अप्रैल। भ_ा दलाल के जाल में फंसकर कमाने-खाने उत्तरप्रदेश पहुंचे दंपति को पुलिस की संवाद व्हाट्सएप्प के माध्यम से बड़ी राहत मिली है। पुलिस ने प्रार्थिया व उसके पति का तत्काल रेस्क्यू कराते हुए सकुशल घर वापस लाया है। आरोपियों के खिलाफ पीडि़ता की सूचना पर ह्यूमन ट्रैफि किंग का अपराध दर्ज किया है।
इस मामले में महासमुंद पुलिस ने मानव तस्करी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा तथा संकट में फंसे परिवार की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित की। मामला थाना बागबाहरा क्षेत्र के ग्राम बागबाहरा निवासी लोकेश ठाकुर, कृष्णी ठाकुर का है जो तस्कर के जाल में फंसकर लालच में आकर कमाने खाने उत्तरप्रदेश गया था। किन्तु कुछ समय बाद परिवार वह वहां से अपने घर वापस लौटना चाहता था।
पीडि़ता ने रिपोर्ट दर्ज कराया है जिसमें लिखा है कि ग्राम देवरी के दो बिचौलियों शांताराम साहू और तोरण प्रजापति ने अधिक पैसे का लालच और अग्रिम राशि का झांसा देकर उत्तर प्रदेश के ईंट भ_ों में पर 6 माह तक बंधक बनाया। अमानवीय स्थितियों में दिन-रात काम करने पर मजबूर किया और शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताडि़त किया। शिकायत पर बागबाहरा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अपराध क्रमांक 81-26 धारा 143-1 के तहत मामली दर्ज कर विवेचना में लिया और आरोपी शांताराम साहू व तोरण प्रजापति दोनों निवासी ग्राम देवरी थाना कोमाखान जिला महासमुंद को गिरफ्तार कर ज्यूडिशियल रिमांड पर महासमुंद भेजा है।


