महासमुन्द
महासमुंद, 18 अप्रैल। महासमुंद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चेतना ठाकुर की अदालत ने पिथौरा क्षेत्र के एक बहुचर्चित चोरी के मामले में आरोपी सुमीत प्रजापति को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया है।
अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ अपराध सिद्ध करने में विफल रहा। मामले को सात साल बीत जाने के बाद भी पुलिस दो आरोपियों को अब तक पकड़ नहीं पाई है।
यह मामला 11 नवंबर 2019 का है। प्रार्थी विजय कुमार चतुर्वेदी ने थाना पटेवा में शिकायत दर्ज कराई थी कि जब उनका परिवार बाहर गया हुआ था, तब अज्ञात चोरों ने उनके घर का ताला तोडक़र अलमारी से सोने की चेन, मंगलसूत्र, लॉकेट, चांदी की पायल और अन्य जेवरात कुल कीमत 71 हजार 200चोरी कर लिए थे।
पुलिस ने जांच के दौरान सुमीत प्रजापति और अन्य को आरोपी बनाया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि घटना के समय किसी ने आरोपी को चोरी करते नहीं देखा था। पुलिस द्वारा की गई जब्ती और गवाहों के बयानों में विरोधाभास पाया गया। प्रार्थी स्वयं आरोपी को घटना स्थल पर देखने या उसकी संलिप्तता के ठोस सबूत पेश नहीं कर सके। कानून के सिद्धांत संदेह का लाभ अभियुक्त को मिलना चाहिए के आधार पर कोर्ट ने सुमीत प्रजापति को धारा 457 और 380 चोरी के आरोपों से बरी कर दिया है।


