महासमुन्द

जनपद में करोड़ों के दुकान कौडिय़ों के भाव- सुधा चन्द्राकर
16-Apr-2026 3:16 PM
जनपद में करोड़ों के दुकान कौडिय़ों के भाव- सुधा चन्द्राकर

महासमुंद,16 अप्रैल। महासमुंद जनपद की सभापति सुधा चन्द्राकर ने आरोप लगाया है कि महासमुंद जनपद अपनी करोड़ों की जमीन को कौडिय़ों के भाव दे रही। कहा है कि महासमुंद जनपद परिसर शहर के हृदय स्थल में स्थित 2.5 एकड़ रकबे में स्थित 10 से ज्यादा दुकानों का मालिकाना हक रखती है। लेकिन राजस्व वसूली के नाम पर हजार का आंकड़ा भी पार नहीं कर पा रही है। बड़े से बड़ा मंत्री-मुख्यमंत्री, यहां तक की प्रधानमंत्री तक इन्ही मार्गों से होकर गुजरते हंै। यहां आयोजित प्रशासनिक मीटिंग में ग्राम पंचायतों में टैक्स लगाने, पंचायतों की आय बढ़ाने,पांचायतों को आत्म निर्भर बनाने के गुर सिखाये जाते हंंंै। जबकि इसी जनपद परिसर की खाली जमीन पर बेजा कब्जा हो रही है।

 सुधा चंद्राकर ने कहा है कि हर सप्ताह ग्राम विकास की समीक्षा पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की बताते यहां की जाती है। निर्माण कार्यों की समीक्षा होती है। अधिकारी यहां आकर नसीहते देते हैं पर अरबों की सम्पत्ति लिए महामसुंद जनपद अतिक्रमण और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है। इस पर न कोई बोलने वाला है न कोई कार्रवाई होती है।  सुधा चन्द्राकर ने शासन प्रशासन से जनपद पंचायत की जमीनों का शीघ्र सीमांकन करने, बेजा कब्जा से मुक्त कराने और नवीन निर्माण करने, बाजार वार्ड स्थित दुकानों के पुन:निर्माण की स्वीकृति प्रदान करने की मांग की है।  उन्होंने यहां बैंकों के लिए मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाने तथा शादी समारोहों, सांस्कृतिक आयोजनों हेतु परिसर के निर्माण की बात कही है। कहा है कि इससे जनपद पंचयत को राजस्व के रूप में बड़ी आय प्राप्त होगी। साथ ही शहर को भी सुंदर सुव्यवस्थित बनाया जा सकेगा। 


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