महासमुन्द
परिवार के 10 गिरफ्तार, तीन फ रार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद,13अप्रैल। अवैध शराब विक्रेताओं को पकडऩे गई पुलिस टीम पर शनिवार को अल सुबह आरोपियों के परिजनों ने लोहे की रॉड, लाठी-डंडों और ईंटों से जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसा में सांकरा टीआई उत्तम तिवारी घायल हुए हैं। घायल टीआई उत्तम तिवारी को सीने में दर्द के कारण अस्पताल में दाखिल किया गया है। अन्य घायल पुलिस कर्मियों का उपचार जारी है।
पुलिस के अनुसार माहभर पूर्व पुलिस ने आरोपी विजय व विनोद मार्कंडेय के कब्जे से 300 लीटर अवैध शराब जब्त की थी। लेकिन वे भाग निकले थे। आरोपियों के गांव आने की सूचना पर कल सुबह पुलिस टीम एसडीओपी श्री ओगरे व टीआई सांकरा उत्तम तिवारी के नेतृत्व में पचरी पहुंची थी। टीम में 7 महिला आरक्षक समेत कुल 27 पुलिस वाले शामिल थे।
पुलिस ने जैसे ही विजय व विनोद मार्कंडेय को घेराबंदी कर पकडक़र शासकीय वाहन में बिठाने की कोशिश की, तभी आरोपियों ने शोर मचाकर अपने परिजनों और पड़ोसियों को उकसा दिया। आरोपियों के उकसावे में आकर उनके पिता छगन, चाचा गुलशन, बहन हेमा और पत्नी ज्योति समेत अन्य रिश्तेदारों ने पुलिस टीम पर लाठी, डंडे, लोहे की छड़ और पत्थरों से ताबड़तोड़ हमला किया। हमले में टीआई उत्तम तिवारी के सिर, गले और सीने पर गंभीर चोटें आई हैं।
वहीं प्रधान आरक्षक अशवंत मन्नाडे और महिला आरक्षकों को भी गंभीर चोटें पहुंची है। हिंसा के दौरान आरोपियों को छुड़ाने के लिए उनकी बहन हेमा पुलिस गाड़ी के सामने खड़ी हो गई। इसी बीच भीड़ द्वारा पुलिस पर फेंके जा रहे ईंट,पत्थर हेमा को जा लगा। जिससे उसके सिर पर गहरी चोटें आई हैं। ऐसी तनावपूर्ण स्थिति में भी महिला पुलिस कर्मियों ने मानवता दिखाते हुए घायल युवती हेमा को वहां से उठाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। उपद्रवियों ने पुलिस की गाडिय़ों पर भी पथराव किया। जिससे पुलिस वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।
इस हमले में पटेवा थाने की हाईवे पेट्रोलिंग वाहन सीजी 03.6100 का पिछला कांच पूरी तरह टूट गया। पुलिस बल ने काफी मशक्कत के बाद विनोद और विजय मार्कंडेय को भीड़ से बाहर निकाला और पटेवा थाना लेकर आई। पटेवा पुलिस ने टीआई उत्तम तिवारी की रिपोर्ट पर विजय मार्कंडेय, विनोद मार्कंडेय और उनके परिजनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 1,115-2, 121-1, 132 सरकारी काम में बाधा,190, 191-2, 191-3, दंगा 221, 296, 324-3 और 351-2 के तहत अपराध दर्ज किया है।
अब तक 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में विजय मार्कडेय, विनोद मार्कंडेय, छगन मार्कंडेय, लीला मार्कंडेय, ज्योति मार्कंडेय,विमला मार्कंडेय, खुशबू, ढेला बाई मार्कंडेय, संतोष कुमार टंडन, हेमा मार्कंडेय, पिता छगन मार्कंडेय शामिल हैं। जबकि गुलशन मार्कंडेय, गजेंद्र एवं अन्य फरार हैं।


