महासमुन्द

गरज के साथ बारिश, आंधी से पेड़-खंभे गिरे, जनजीवन अस्त-व्यस्त
06-Apr-2026 4:25 PM
गरज के साथ बारिश, आंधी से पेड़-खंभे गिरे, जनजीवन अस्त-व्यस्त

रात दर्जनों गांव में ब्लैक आउट, विद्युत कर्मी सुधार में जुटे

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

महासमुंद, 6 अप्रैल। जिला मुख्यालय सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में परसों शाम से रुक रुक कर भीषण आंधी बारशि जारी है। आज सुबह 11 बजे से आसमान फिर से बादलों से ढंक गया और तेज गर्जना के साथ बारिश शुरू हुई। तीन दिनों से लगातार तेज हवाओं के चलते विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। कल दर्जनों गांवों में पिछले 24 घंटे अंधेरा रहा।

 मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और आगामी 48 घंटों में 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका जताई है। कल सुबह भी अचानक बदले मौसम बदलने से बिरकोनी, मचेवा, चिंगरोद और लाफिन समेत कई गांव नेशनल हाईवे और संपर्क मार्गों से कट गये। इन रास्तों में 40 से अधिक विशालकाय पेड़ उखडक़र बिजली के तारों पर जा गिरे। इसके चलते विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप रही। आज सुबह भी मरम्मत कार्य के चलते जिला मुख्यालय की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी समेत कई शहरी इलाकों में 3 घंटे तक बिजली गुल रही।

       मौसम वैज्ञानिकों के अनुसारए वर्तमान में एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। एक तरफ  प्रदेश के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, वहीं गर्मी और नमी के इस मेल ने विनाशकारी स्थिति पैदा कर दी है। अगले 48 घंटों के दौरान दक्षिण बस्तर, महासमुंद और आसपास के क्षेत्रों में ओलावृष्टि और तेज आंधी के साथ भारी बारिश की संभावना  है।

 प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें। ओलावृष्टि की आशंका ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है।

 क्योंकि इससे खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। बहरहाल विद्युत मंडल की टीमें युद्ध स्तर पर सुधार कार्य में जुटी हुई हैं। गिरे हुए पेड़ों को हटाने के लिए जेसीबी मशीनों की मदद ली जा रही है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लाइनों पर पेड़ गिरने और तार टूटने की वजह से नुकसान काफी अधिक हुआ है। जिसे सुधारने के लिए कर्मचारी लगातार गश्त कर रहे हैं। समाचार लिखते वक्त सुबह के 11 बजे हैं और गरज के साथ आंधी बारिश जारी है।


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