महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 18 मार्च। महासमुंद शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली सितली नाले को पुन: जीवित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अविरल सितली-निर्मल सितली अभियान के तहत मंगलवार की सुबह श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस कार्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ महासमुंद के स्वयंसेवकों ने अपनी सक्रिय भागीदारी निभाते हुए सितली नाला क्षेत्र की स्वच्छता के लिए श्रमदान किया। अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने एनीकट और उसके आसपास जमा कचरे, झाडिय़ों और मलबे की सफाई की। श्रमदान के साथ-साथ समिति के सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपील जारी की। लोगों से आग्रह किया गया कि वे श्मशान घाट के पीछे राख और अन्य सामग्री को सीधे जलधारा में न बहाएं। समिति ने सुझाव दिया कि केवल एक मु_ी राख को सांकेतिक रूप से प्रवाहित करें और शेष राख को खेतों में खाद के रूप में उपयोग करें। इससे न केवल नाले का प्रदूषण कम होगा, बल्कि राख के पोषक तत्वों से खेतों की उपज में भी वृद्धि होगी। समिति के सदस्यों ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि यह अभियान केवल कुछ लोगों का नहीं, बल्कि पूरे नगर का है। सितली नाला हमारी धरोहर है। इसे स्वच्छ और सुंदर बनाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। हम सभी नगरवासियों का आह्वान करते हैं कि वे इस अभियान से जुड़ें और तन-मन-धन से सहयोग कर अविरल सितली-निर्मल सितली अभियान को सफल बनाने में योगदान दें।
इस दौरान नगर के गणमान्य नागरिक, पर्यावरण प्रेमी और बड़ी संख्या में युवा स्वयंसेवक उपस्थित रहे, जिन्होंने इस अभियान को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।


