महासमुन्द
ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग उठाई
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 22 फरवरी। ओडिशा सीमा से सटी जोंक नदी में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के आरोप सामने आए हैं। कोमाखान तहसील क्षेत्र के विभिन्न घाटों से बिना रॉयल्टी या पिट पास के रेत निकाले जाने की शिकायत ग्रामीणों ने की है।
ग्राम पंचायत परकोम के उप सरपंच खिलावन यादव और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि कांदाजेरी तथा जोंक नदी के तटीय ग्राम—सोनामुंदी, बिंद्रावन, नर्रा, राटापाली, बनियातोरा, परकोम और खट्टी—में रेत के अवैध उत्खनन की गतिविधियां चल रही हैं। उनका दावा है कि ओडिशा सीमा से लगे होने के कारण यहां प्रतिदिन 20 से 25 ट्रैक्टर सक्रिय रहते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि परकोम और बनियातोरा घाट पर रात और भोर के समय पोकलेन और हाईवा के माध्यम से रेत निकालकर ओडिशा के अंदरूनी क्षेत्रों में भेजी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि नर्रा से खट्टी तट तक नदी के स्वरूप पर प्रभाव पड़ा है।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि पूर्व में ठेका पद्धति के दौरान अनियमितताएं हुई थीं, जिससे नदी की गहराई और बहाव क्षेत्र प्रभावित हुआ। उनका कहना है कि अब तक संबंधित विभाग द्वारा कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई है।
उप सरपंच खिलावन यादव ने कहा कि पहले नदी तट पर किसान तरबूज और सब्जियों की खेती करते थे, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से जारी खनन गतिविधियों से स्थिति बदल गई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए, अन्यथा वे आगे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।


