महासमुन्द

प्राकृतिक वनों का सफाया कर छत्तीसगढ़ में वन क्षेत्र बढऩे का दावा कर रहे वन मंत्री-विनोद चंद्राकर
16-Feb-2026 3:30 PM
प्राकृतिक वनों का सफाया कर छत्तीसगढ़ में वन क्षेत्र बढऩे का दावा कर रहे वन मंत्री-विनोद चंद्राकर

महासमुंद,16फरवरी। निजी जमीनों, खेतों और घरों के आसपास के पौधों की गणना कर छत्तीसगढ़ में जंगलों की बढ़्ोत्तरी होने की वाहवाही लूटने की कोशिश भाजपा सरकार द्वारा की जा रही है। भाजपा के वन मंत्री द्वारा दावा किया जा रहा है कि प्रदेश में 683 वर्ग किलोमीटर जंगल बढ़े हैं। जबकि असलियत यह है कि ये बढ़ोतरी प्राकृतिक जंगलों में नहीं, बल्कि निजी ज़मीनों, खेतों और घरों के आसपास के पौधों की है। उक्त वक्तव्य पूर्व संसदीय सचिव छग शासन व महासमुंद के पूर्व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने व्यक्त की है।

श्री चंद्राकर ने जारी विज्ञप्ति में कहा कि छत्तीसगढ़ के जल, जंगल, जमीन को उद्योगपति मित्रों के हवाले कर भाजपा के मंत्री प्रदेशवासियों को झूठ परोस रहा है। निजी जमीनों, खेतों और घरों के आसपास पौधों को वन क्षेत्र बताकर भाजपा अपनी करतूत पर पर्दा डाल रहा है। छत्तीसगढ़ के लोग जानते हैं कि जब से प्रदेश में भाजपा की सरकार आई है, तब से अंधाधूंध प्राकृतिक वनों की कटाई अडाणी कंपनी द्वारा किया जा रहा है। कोयले के लिए नई खदानों की आवश्यकता न होने के बावजूद छत्तीसगढ़ के हसदेव अरण्य जैसे घने वनों से पेड़ काटे जा रहे हैं। हसदेव अरण्य की जैव विविधता से भरपूर प्राचीन वनों में परसा ईस्ट और केते बासन पीईकेबी कोयला खदानों के लिए लाखों पेड़ काटे जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने खदानों के लिए पर्यावरण मंजूरी के नियमों को आसान बना दिया। यह छत्तीसगढ़ के सरगुजा, कोरिया और कोरबा जिलों में फैला सबसे संवेदनशील क्षेत्र है। जिसे छत्तीसगढ़ के फेफ ड़े कहा जाता है।

यहां पीईकेबी परसा ईस्ट केते बासन कोल ब्लॉक के तहत चरण-दर-चरण बड़े पैमाने पर पेड़ काटे जा रहे हैं। इस क्षेत्र से हजारों हेक्टेयर में फैले प्राकृतिक जंगलों से लाखों पेड़ों की कटाई की जा चुकी है। इसके अलावा रायगढ़ का तमनार, नारायणपुर, उत्तर बस्तर कांकेर, बीजापुर, बस्तर और गरियाबंद, बलौदाबाजार जिले के सोनाखान क्षेत्रों में भी वनों की कटाई की जा रही है। पूर्व संसदीय सचिव ने कहा कि छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक जंगलों की कटाई से प्रदेश में लगातार वन क्षेत्र कम हुए हैं। इसके बाद भी वन मंत्री द्वारा प्रदेश में वन क्षेत्रों में वृद्धि होना बताया जा रहा है, जो झूठी वाहवाही लूटने का केवल एक असफल प्रयास है।


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