महासमुन्द
ग्रामीणों ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 11 फरवरी। जिला मुख्यालय से सोरिद जाने वाले मार्ग पर लूट और हमले की घटनाओं की शिकायत सामने आई है। ग्रामीणों ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी छेड़छाड़ की घटनाएं हुई थीं, जिसके कारण कुछ छात्राओं ने स्कूल-कॉलेज जाना बंद कर दिया। उनका आरोप है कि गश्त की मांग के बावजूद पर्याप्त निगरानी नहीं हो रही है। छेड़छाड़ के विरोध में ग्रामीणों ने प्रदर्शन का ऐलान भी किया था। तब पुलिस ने महज 2 दिन ही गश्त की। नतीजा यह कि बदमाश फिर सक्रिय हो गए हैं और अब राहगीरों से बेधडक़ लूटपाट भी कर रहे हैं।
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार सोरिद निवासी लीलेश सोमवार रात लगभग 9.30 बजे घर लौट रहे थे। सागौन-बांस प्लांट के पास तीन युवकों ने उनकी मोटरसाइकिल रोकी। शिकायत में कहा गया है कि आरोपियों ने उनसे पूछताछ की और बाद में चाकू दिखाकर पैसे की मांग की। विरोध करने पर 4,800 रुपये और दो मोबाइल ले लिए गए।
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि युवक के चेहरे पर चाकू से वार किया गया और रिपोर्ट दर्ज कराने पर जान से मारने की धमकी दी गई।
पीडि़त युवक ने महासमुंद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा। पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि 112 की सुस्ती इतनी है कि कई बार फोन करने के 20 मिनट बाद फोन उठाया और जवाब मिला कि थाने चले जाओ। इस तरह आपातकालीन सेवा 112 की पोल तब खुली, जब पीडि़त ने लूट के तुरंत बाद कॉल किया। पहले नंबर व्यस्त आता रहा, 20 मिनट बाद जब फ ोन उठाया तो जवान ने मदद भेजने की बजाय सलाह दी। उसने कहा कि कोतवाली जाकर रिपोर्ट लिखवाओ। मोबाइल करते देख आरोपी ने युवक का फोन और बाइक भी लूट लिया, फिर बाद में बाइक वापस किया गया। इस संबंध में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।
एक युवक लूट के बाद इतना डर हुआ है कि बदमाशों के डर से वह थाने में शिकायत करवाने भी नहीं पहुंचा। एसपी ने 7 दिन के भीतर ग्रामीणों को कार्रवाई का आश्वासन दिया था। अब तक एक भी आरोपी पकड़ में नहीं आया है। पुलिस को चुनौती देते हुए 10 दिन बाद एक ही दिन में तीन लोगों से लूटपाट और चाकूबाजी की गई। इधर ग्रामीण उग्र आंदोलन को लेकर गांव में बैठक कर रहे हैं। ग्रामीणों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
ग्रामीण कहते हैं कि जैसे ही हम कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराते हैं, पता नहीं किस तरह लुटेरों को इसकी खबर मिल जाती है। लुटेरे रास्ते में रोककर पीडि़तों को पुलिस के पास जाने की सजा देते हैं। बाइक और पैसे लूटकर मारते-पीटते हैं। बीते दिनों भी तुमाडबरी निवासी बेदविमल मानिकपुरी लोहारडीह बाजार से अपने घर जा रहे थे। तभी तीन बदमाशों ने लिफ्ट के बहाने उनका रास्ता रोक लिया। चाकू दिखाकर पैसे मांगे। मना करने पर चाकू से सिर पर हमला कर दिया। पर्स से 2 हजार रुपए लूट लिए। दो मोबाइल छीन लिए थे।
ग्रामीणों ने क्षेत्र में नियमित गश्त और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस ने बताया है कि प्रकरणों की जांच जारी है।


