महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद,11 फरवरी। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से उड़ान की संस्थापिका डॉ. अनीता जी. रावटे के मार्गदर्शन में सह संयोजक पूर्णिमा शर्मा द्वारा महिलाओं को कुटीर उद्योग प्रशिक्षण कार्यक्रम किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वयंसेवी संगठन उड़ान के तत्वावधान में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को अगरबत्ती निर्माण, मोमबत्ती निर्माण, सिलाई-कढ़ाई, पापड़-बड़ी-मसाला निर्माण, हस्तशिल्प एवं घरेलू उत्पादों के निर्माण से संबंधित व्यावहारिक जानकारी दी एवं दैनिक जीवन में उपयोगी एवं जरूरी फिनाइल के निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षकों द्वारा कुटीर उद्योग के महत्वए कम पूंजी में स्वरोजग़ार के अवसर, उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, विपणन एवं बिक्री से जुड़ी आवश्यक जानकारियां भी सरल भाषा में समझाई गईं। उड़ान की संस्थापिका डॉ अनीता रावटे ने कहा कि कुटीर उद्योग महिलाओं के लिए आय का स्थायी स्रोत बन सकता है। इससे न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होती है। बल्कि समाज में महिलाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
उन्होंने महिलाओं से प्राप्त प्रशिक्षण का सही उपयोग कर स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ करने का आह्वान किया। प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से उन्हें घर बैठे रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। कार्यक्रम में भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का आश्वासन दिया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सार्थक पहल सिद्ध हुआ। जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर समाज और राष्ट्र के विकास में सहयोगी भूमिका निभाएंगी।


