महासमुन्द
उत्खनन को लेकर शिकायत, प्रशासन से कार्रवाई की मांग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 23 जनवरी। जिला मुख्यालय से लगे ग्राम चिंगरौद में रेत के उत्खनन और परिवहन को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा शिकायत की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि चिंगरौद घाट से रेत का उत्खनन किया जा रहा है, जबकि प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार लाफिनखुर्द घाट को ही शासन से स्वीकृति प्राप्त है और चिंगरौद घाट प्रतिबंधित क्षेत्र में आता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि चिंगरौद स्थित सूखा घाट पर पिछले एक महीने से अवैध रेत खनन का खेल जारी है। यहां से रोजाना 100 से अधिक ट्रैक्टर और 50 से ज्यादा हाइवा बिना किसी अनुमति के रेत ढो रहे हैं। बकायादा नदी में अवैध रूप से रैंप (कच्चा रास्ता) बनाकर हाइवा को निकाला जाता है। जब स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की गई।
स्थानीय निवासियों के अनुसार चिंगरौद स्थित सूखा घाट क्षेत्र से पिछले कुछ समय से रेत का उत्खनन किया जा रहा है। उनका दावा है कि यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ट्रैक्टर और हाईवा वाहनों के माध्यम से रेत का परिवहन किया जा रहा है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि नदी में कच्चा मार्ग बनाकर वाहनों की आवाजाही की जा रही है। विरोध करने पर विवाद की स्थिति भी बनी, जिसकी सूचना संबंधित स्तर पर दी गई है।
ग्रामीणों के अनुसार भारी वाहनों की आवाजाही से बम्हनी-बेलसोंडा और चिंगरौद मार्ग प्रभावित हुआ है, जिससे आवागमन में कठिनाई हो रही है। पूर्व उपसरपंच हरिराम यादव ने कलेक्टर को आवेदन देकर मामले की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
इस संबंध में खनिज अधिकारी फागूलाल नागेश ने कहा कि चिंगरौद घाट से अवैध उत्खनन और परिवहन के मामलों में पूर्व में कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि यदि पुन: ऐसी गतिविधियों की जानकारी मिलती है, तो जांच टीम भेजकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


