महासमुन्द

छत्तीसगढ़ की महिला पत्रकारों ने गुजरात के विकास
23-Jan-2026 4:34 PM
छत्तीसगढ़ की महिला पत्रकारों ने गुजरात के विकास

कार्य देखें, पेपरलेस विधानसभा से हुईं प्रभावित

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

महासमुंद,23जनवरी। छत्तीसगढ़ सरकार के जनसंपर्क विभाग की पहल पर अध्ययन भ्रमण के लिए गुजरात गई महिला पत्रकार टीम की वापसी के दौरान कल रात मुख्यमंत्री निवास में जोरदार स्वागत हुआ। एयरपोर्ट से सीधे उन्हें सीएम निवास लाया गया। इसके बाद बैठक कक्ष में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने देर तक  बातें की, उनका हालचाल जाना और बधाईयां दी। इस दौरान पत्रकार उत्तरा विदानी द्वारा दी गई जानकारी के बाद स्पष्ट किया कि गुजरात विधानसभा की तरह ही छत्तीसगढ़ विधानसभा को भी पेपरलेस विधानसभा बनाया जा रहा है। इसका काम शुरू हो चुका है और जल्द ही राज्य को पेपरलेस विधानसभा मिलेगा। यहां भी प्रत्येक विषयों-कार्रवाईयों को कम्प्यूटराइज्ड करने का काम जारी है। मुख्यमंत्री श्रीसाय ने कहा कि राज्य की महिला पत्रकारों के दल का गुजरात भ्रमण ऐतिहासिक है और इस क्रम को जारी रखा जाएगा।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार के जनसंपर्क विभाग की पहल पर राज्य की 26 महिला पत्रकारों को गुजरात अध्ययन भ्रमण पर भेजा गया था। यह दल 15 जनवरी की सुबह रायपुर विवेकानद विमान अड्डे से गुजरात के लिए रवाना हुई थी। दिल्ली होकर अहमदाबाद पहुंची टीम ने 16 जननवरी को गांधीनगर स्थित विधानसभा का भ्रमण किया और वहां के अधिकारियों के साथ बातचीत की। वहां अध्ययन के दौरान देखा कि अपने शिक्षकों के साथ स्कूली बच्चे भी सदन में भ्रमण के लिए पहुंचे थे। वहां जनसम्पर्क विभाग के अधिकारियों ने टीम को गुजरात विधानसभा के पत्रकार दीर्घा में बिठाकर सदन की तमाम तरह की कार्रवाईयों और रूपरेखा की जानकारी दी। वहां के अधिकारियों ने बताया कि गुजरात विधानसभा पूरी तरह पेपरलेस है और सारी कार्रवाई कम्प्यूटराइज्ड है और सदन की किसी भी कार्रवाई का सीधा प्रसारण नहीं होता है। यहां तक कि सदन का

छत्तीसगढ़ से गई टीम ने पाया कि भवन के ग्राउंड फ्लोर पर बड़े से हॉल में तमाम भूतपूर्व मुख्यमंत्रियों के फोटो टंगे हुए हैं। आज से 65 साल पहले एक मई 1960 को गुजरात में विधानसभा की स्थापना हुई थी तो अहमदाबाद ही राजधानी थी लेकिन 11 फरवरी 1971 यह गांधीनगर में स्थानांतरित कर दिया गया। इस भवन का नाम बिट्ठलभाई पटेेल के नाम पर है और यहां 182 सदस्य हैं। बताया कि 65 साल पहले यह बाम्बे विधानसभा में आता था। वर्तमान में यहां के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल हैं। अधिकारियों ने कहा कि महिला पत्रकारों की टीम को गुजरात भेजना वुमेन इम्पॉवरमेंट की एक शानदार मिसाल है। टीम ने साबरमती सत्याग्रह आश्रम, गांधी जी का जन्मस्थान पोरबंदर, तीनों द्वारिका, सोमनाथ मदिर, नागेश्वर महादेव मंदिर देखा, समुद्र में नौकायन किया, त्रिवेणी संगम देखा, गिर नेशनल पार्क का अध्ययन भ्रमण किया। इसके अलावा वहां स्वच्छता और उद्योग की तासीर भी देखी। देखा कि महिलाएं खादी के धागे से कपड़ों में ताने-बाने लगाकर किस तरह कपड़ों की बुनाई करती हैं। 

महिला टीम के सहयोग से लिए जनसंपर्क विभाग रायुपर के दो अधिकारी कमलेश साहू और प्रेमशंकर पटेल के अलावा महिला अफसर अंजू नायक, दानेश्वरी मिश्रा, करुणा दुबे व आमना मीर को भी साथ भेजा था। इस प्रेस टूर में शामिल महिला पत्रकारों में उत्तरा विदानी, शगुफ्ता शिरीन, कोमल धनेसार, तनु वर्मा चंद्राकर, प्रियंका जायसवाल, चित्रा पटेल, नेहा श्रीवास्तव, दामिनी बंजारे, पुष्पा नितिन रोकड़े,निशा द्विवेदी, करिश्मा सोनी, सुप्रिया पांडेय, सरिता ध्रुव, विनय त्रिवेदी अवस्थी, नीरा साहू, मीना, निशा मसीह, उषा सोनी, जिज्ञासा चंद्रा, तंज़ीम नाज़,कमरुन निशा, नूरजहां, रचना बंछोर, राजश्री गुप्ते, सरिता दुबे, मधुमिता शेखर शामिल हैं। जानकारी अनुसार छत्तीसगढ़ सरकार ने इस बार पहली बार जनसंपर्क विभाग के बजट में प्रेस टूर के नाम पर प्रावधान किया था।

वहां के अधिकारियों ने बताया कि गुजरात विधानसभा पूरी तरह पेपरलेस है और सारी कार्रवाई कम्प्यूटराइज्ड है और सदन की किसी भी कार्रवाई का सीधा प्रसारण नहीं होता है। यहां तक कि सदन का फोटो भी सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।

छत्तीसगढ़ से गई टीम ने पाया कि भवन के ग्राउंड फ्लोर पर बड़े से हॉल में तमाम भूतपूर्व मुख्यमंत्रियों के फोटो टंगे हुए हैं। गुजरात के अधिकारियों ने कहा कि महिला पत्रकारों की टीम को गुजरात न भेजना वुमेन इम्पॉवरमेंट की एक शानदार मिसाल है।


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