महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 13 फरवरी। कोरोना महामारी की तीसरी लहर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आईसीएमआर की गाइडलाइन के तहत जिले के 11 निजी अस्पतालों व लैब को कोरोना की रैपिड एंटीजन टेस्ट करने की इजाजत दे दी है। हालांकि ये लैब आईसीएमआर की आईडी प्राप्त करके ही यह जांच अपने संस्थान में शुरू कर सकते हैं और इसके लिए उन्हें सभी प्रकार के प्रोटोकॉल व शासन द्वारा निर्धारित शुल्क लेकर ही कोरोना की जांच करनी होगी।
टेस्ट की अनुमति सोहम अस्पताल, साईं नमन अस्पताल तुमगांव, चंडी हॉस्पीटल बागबाहरा, अग्रवाल नर्सिंग होम बसना, भारती हॉस्पिटल सरायपाली, आदित्य हॉस्पिटल महासमुंद, जय पतई माता हॉस्पिटल पटेवा, मां पैथालॉजी लैब महासमुंद, मां सावित्री एक्सरे व पैथालॉजी लैब बागबाहरा, मां सावित्री पैथालॉजी सर्विसेस पिथौरा और मां पैथालॉजी सर्विसेस सरायपाली को दी गई है। निजी अस्पतालों व लैबों को अनुमति देने के बाद अब और अधिक संख्या में कोरोना की जांच संभव है। इससे सरकारी अस्पतालों का दबाव भी कम होगा।
सीएमएचओ कार्यालय ने इस संबंध में कल शुक्रवार को ही आदेश जारी कर विभिन्न गाइडलाइन के पालन को सुनिश्चित करने के लिए भी कहा है। इसके तहत निजी अस्पतालों व लैब को रैपिड एंटीजन टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने वाले व्यक्ति की डिटेल तत्काल और निगेटिव रिपोर्ट की जानकारी 24 घंटे के भीतर आईसीएमआर के पोर्टल पर डालनी होगी। साथ ही दैनिक जांच की जानकारी प्रतिदिन राज्य व जिला सर्विलेंस इकाई को शाम 6 बजे तक प्रदान करनी होगी। साथ ही लैब व अस्पतालों को बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट के नियमों का पालन करना भी अनिवार्य होगा।
शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिलेभर से 952 कोरोना सैंपल की जांच की। जिसमें 9 संक्रमितों की पहचान हुई। वहीं 53 मरीज स्वस्थ भी हुए। वर्तमान में जिले में 151 कोरोना के एक्टिव केस हैं। वहीं अब तक 32955 को कोरोना हुआ है। जिसमें से 32429 ने इसे हराया भी है। वहीं जिले से अब तक 375 लोगों की मौत कोरोना संक्रमण की वजह से हुई है। ज्ञात हो कि महासमुंद जिले में जनवरी माह के दूसरे सप्ताह से संक्रमण दर में काफी वृद्धी हुई। जिसके बाद जिले के स्कूलों को लगभग पखवाड़े भर के लिए बंद कर दिया गया था। फरवरी माह के शुरुआत से फिर से जिले में संक्रमण दर कम होने लगी और जिले में फिर से स्कूल खुल गए।


